पतिसा ग्राम पंचायत की गौशाला में गोवंशों की दुर्दशा,भ्रष्टाचार और प्रशासनिक लापरवाही उजागर
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जिले के कर्नलगंज तहसील के हलधरमऊ विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत पतिसा की गौशाला में गोवंशों की दयनीय स्थिति ने प्रशासनिक लापरवाही और भ्रष्टाचार को उजागर किया है। गौशाला में भूख और प्यास से तड़पते हुए गोवंशों की मौत का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा। एक वायरल वीडियो में मृत पशुओं को निर्दयता से वाहन पर लादे जाने का दृश्य सामने आया है, जिसने स्थानीय लोगों में आक्रोश पैदा कर दिया है। गौशाला में हरा चारा, दाना और पानी की व्यवस्था केवल कागजों तक सीमित है, जबकि वास्तव में बेसहारा पशुओं की जान खतरे में है। सूत्रों के अनुसार, गौशाला के लिए आवंटित धनराशि का ग्राम पंचायत के प्रधान और अन्य जिम्मेदारों द्वारा जमकर दुरुपयोग किया जा रहा है। गोवंशों के भरण-पोषण के लिए मिलने वाला बजट हड़प लिया जाता है, जिसके चलते पशुओं को न तो पर्याप्त चारा मिल रहा है और न ही पानी। इस लापरवाही के कारण गौशाला अब गोवंशों की कब्रगाह बनती जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि गौशाला में गोवंशों की लगातार हो रही मौतों के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी और कर्मचारी मौन हैं। गौवंश संरक्षण के नाम पर चल रही योजनाएं धरातल पर हवा-हवाई साबित हो रही हैं। मामले को उच्चाधिकारियों द्वारा संज्ञान लिए जाने के बावजूद जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई न होने से गौशाला की स्थिति बद से बदतर होती जा रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि गौशाला में निराश्रित गोवंशों के संरक्षण और भरण-पोषण के दावे हवा-हवाई हैं। यह मामला गोवंश संरक्षण की हकीकत को उजागर कर रहा है। जहां एक ओर सरकार गौशालाओं के लिए लाखों रुपये आवंटित कर रही है,वहीं दूसरी ओर भ्रष्टाचार और लापरवाही के चलते गोवंश दयनीय स्थिति में हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से इस मामले की उच्चस्तरीय जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है,ताकि गोवंशों की जान बचाई जा सके।
