स्वयंसेवी संस्था ने 2 हजार छात्र छात्राओं में वितरित किया स्टेशनरी
1 min readमिल्कीपुर, अयोध्या
स्वयंसेवी संस्था ने परिषदीय विद्यालय के 2 हजार छात्र-छात्राओं को स्टेशनरी सहित अन्य शिक्षण सहायक सामग्री वितरित किया। ग्रामीण विकास एवं समृद्धि पहल संस्थान की ओर से मिल्कीपुर शिक्षा क्षेत्र स्थित कम्पोजिट एवं प्राथमिक विद्यालय में अध्यनरत नौनिहालों में टॉफी भी बांटी गई ।
शिक्षा क्षेत्र मिल्कीपुर स्थित प्राथमिक विद्यालय मसेढ़ा में शिक्षण सहायक सामग्री वितरण कार्यक्रम मंगलवार को आयोजित किया गया जहां संस्था के अध्यक्ष आशुतोष सिंह ने अपनी टीम के साथ बच्चों को कॉपी, पेंसिल, डॉट पेन, रबर सहित अन्य सहायक सामग्री प्रदान किए। ग्राम पंचायत गोकुला स्थित कंपोजिट विद्यालय गोकुला, प्राथमिक विद्यालय सथरी, प्राथमिक विद्यालय बिशुनपुर व प्राथमिक विद्यालय टिकरा, प्राथमिक विद्यालय नरेंद्रा भादा एवं पूर्व माध्यमिक विद्यालय नरेंद्रा भादा, प्राथमिक विद्यालय सिधौना एवं पूर्व माध्यमिक विद्यालय सिधौना, प्राथमिक विद्यालय वसापुर कंपोजिट विद्यालय तेंधा, प्राथमिक विद्यालय पूरब गांव, प्राथमिक विद्यालय बिरौली झाम एवं पूर्व माध्यमिक विद्यालय बिरौली झाम एवं प्राथमिक विद्यालय जोरियम सहित दो दर्जन परिषदीय विद्यालयों समेत दर्जन भर विद्यालय में संस्थान के अध्यक्ष आशुतोष सिंह द्वारा पठन-पाठन करने वाले छात्र छात्राओं को दो -दो कॉपी, पेन व पेंसिल वितरित करने के साथ बच्चों को टॉफी खिलाकर मुंह मीठा कराया गया। ज्ञातव्य हो कि विगत दिनों पिछले वर्ष संस्थान की ओर से मिल्कीपुर के 20 परिषदीय विद्यालयों में 80 सीलिंग फैन भी लगवाए गए थे। आषुतोष सिंह का कहना है कि यह कार्य मेरे द्वारा संभव नहीं हो पाता, लेकिन इसमें सबसे बड़ा सहयोग हमारी चाची अर्चना सिंह एवं अमेरिका में कृषि वैज्ञानिक पद पर कार्य रत चाचा डॉ हरि प्रताप सिंह व चाचा रूद्र प्रताप सिंह की प्रेरणा से यह कार्य पिछले 5 वर्षों से संभव हो पा रहा है। हमारे चाचा डॉ हरि प्रताप सिंह अमेरिका में रहते हुए भी वह अपने गांव और समाज का ध्यान रख रहे हैं। गरीबों की बेटी के विवाह में भी सहयोग करते रहते हैं। इस मौके पर संस्थान की टीम में शामिल रत्नेश, धन कुमार एवं अजय सहित विद्यालय के प्रधानाध्यापक रेफांशु सिंह, शिक्षक विनय कुमार शिक्षक अंकित कुमार तिवारी सहित विद्यालय के अन्य शिक्षक शिक्षा मित्र रसोईया एवं छात्र-छात्राएं मौजूद रहीं।

