February 12, 2026

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हलधरमऊ क्षेत्र पंचायत में पांच साल से अधूरे पड़े हैं सामुदायिक शौचालय, स्वच्छता अभियान को लग रहा पलीता

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हलधरमऊ क्षेत्र पंचायत में पांच साल से अधूरे पड़े हैं सामुदायिक शौचालय, स्वच्छता अभियान को लग रहा पलीता

कर्नलगंज, गोंडा।

हलधरमऊ क्षेत्र पंचायत के तहत वर्ष 2020 में स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत शुरू किए गए आठ सामुदायिक शौचालयों का निर्माण पांच साल बाद भी अधूरा पड़ा है। इनमें से ब्लाक मुख्यालय पर प्रस्तावित शौचालय की केवल नींव रखी गई, जबकि शेष सात शौचालय भी आधे-अधूरे हालत में ठप हैं। ब्लाक के अधिकारी और कर्मचारियों की लापरवाही के चलते स्वच्छता अभियान की साख दांव पर है।जानकारी के मुताबिक, हलधरमऊ क्षेत्र पंचायत के तहत आठ सामुदायिक शौचालयों के निर्माण के लिए 2020-21 में बजट स्वीकृत हुआ था। इनमें ब्लाक मुख्यालय पर 8.61 लाख रुपये की लागत से बनने वाला शौचालय शामिल है, जिसकी केवल नींव रखकर काम रोक दिया गया। इसके अलावा, परसागोंडरी हनुमान मंदिर, हरसिंहपुर आश्रम, बरबटपुर हनुमान मंदिर, मैजापुर गौशाला, सिकरी दुर्गा मंदिर, बसालतपुर बरखंडी नाथ मंदिर और भुलभुलिया गौशाला में 6.37 लाख रुपये की लागत से बनने वाले सात अन्य शौचालय भी अधूरे हैं। इन शौचालयों का निर्माण मंदिरों और गौशालाओं जैसे सार्वजनिक स्थानों पर प्रस्तावित था, जहां रोजाना सैकड़ों श्रद्धालु और ग्रामीण आते-जाते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि ब्लाक मुख्यालय पर प्रतिदिन सैकड़ों ग्रामीण विभिन्न कार्यों से आते हैं, लेकिन शौचालय की सुविधा न होने से उन्हें खुले में शौच के लिए मजबूर होना पड़ता है। यह स्थिति स्वच्छ भारत मिशन के उद्देश्यों के विपरीत है। इन शौचालयों का प्रस्ताव पूर्व ब्लाक प्रमुख सोन प्रसाद के कार्यकाल में तैयार किया गया था, लेकिन निर्माण कार्य बीच में ही रोक दिया गया। ब्लाक के जूनियर इंजीनियर सुदेश कुमार ने बताया कि निर्माण कार्य शुरू होने के बाद अज्ञात कारणों से इसे रोक दिया गया, जिसके बाद से यह ठप है। खण्ड विकास अधिकारी देव नायक सिंह ने दावा किया कि इस मुद्दे पर बैठक में चर्चा हो चुकी है और निर्माण पूरा कराने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। हालांकि, पांच साल बीतने के बावजूद कोई ठोस प्रगति न होना अधिकारियों की उदासीनता को दर्शाता है। यह स्थिति न केवल सरकारी धन की बर्बादी को उजागर करती है, बल्कि स्वच्छता अभियान की विफलता को भी रेखांकित करती है। ग्रामीणों ने मांग की है कि इन शौचालयों का निर्माण जल्द पूरा किया जाए, ताकि क्षेत्र में स्वच्छता और सुविधा सुनिश्चित हो सके।

महादेव मौर्या

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