February 12, 2026

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मूंग क्रय केंद्रों की समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी सख्त, लक्ष्य से काफी कम हुई खरीद, लापरवाह केंद्र प्रभारियों पर होगी कार्रवाई

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जालौन

जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने सोमवार को अपने आवास कार्यालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मूल्य समर्थन योजना के अंतर्गत जनपद में संचालित मूंग क्रय केंद्रों की समीक्षा बैठक की। बैठक में जनपद स्तर के संबंधित अधिकारियों, उप जिलाधिकारियों एवं एजेंसी प्रतिनिधियों को निर्देशित करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि मूल्य समर्थन योजना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है, और किसानों को उनकी उपज का सीधा लाभ दिलाना प्रशासन की जिम्मेदारी है। जनपद जालौन में कुल 17 मूंग क्रय केंद्र क्रियाशील हैं, जिनका संचालन बी-पैक्स लिमिटेड, क्रय विक्रय समिति, काशी एग्रो परपज कोऑपरेटिव, श्री गुरुकृपा कृषि मंडी समिति, स्वर जनधन समिति, सेल्टर एग्रो टेक, बुलंदशहर एग्रो, एग्रो एनोवेट, अमृत ग्रीन फार्मर कंपनी, एवीएन मल्टी स्टेट तथा न्यू जेनरेशन एग्रो प्रोड्यूसर कंपनी आदि के माध्यम से किया जा रहा है। जिलाधिकारी ने गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि अब तक जनपद में मात्र 260.700 क्विंटल मूंग की ही खरीद हो सकी है, जो लक्ष्य की तुलना में अत्यंत न्यूनतम है। यह स्थिति दर्शाती है कि कई क्रय केंद्रों पर प्रभारी सक्रिय भूमिका नहीं निभा रहे, जिससे किसानों को योजना का अपेक्षित लाभ नहीं मिल पा रहा। उन्होंने निर्देश दिए कि ऐसे केंद्र प्रभारियों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए और आवश्यकता पड़ने पर क्रय केंद्रों को निरस्त करने की संस्तुति भेजी जाए। साथ ही यह भी कहा कि उप जिलाधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में मूंग उत्पादक किसानों का पंजीकरण कराएं, तथा खसरा व खतौनी से मिलान कर वास्तविक कृषकों की पहचान सुनिश्चित करें, जिससे योग्य किसानों को केंद्रों पर बुलाकर खरीद कार्य में गति लाई जा सके। जिलाधिकारी ने दो टूक कहा कि किसी भी दशा में बिचौलियों की संलिप्तता स्वीकार नहीं की जाएगी और यदि कहीं ऐसे प्रयास सामने आते हैं तो संबंधित के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी सुनिश्चित कराने को कहा कि क्रय केंद्रों पर छाया, पेयजल, बैठने की समुचित व्यवस्था उपलब्ध हो, जिससे किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। उन्होंने कहा कि मूल्य समर्थन योजना न केवल कृषि उत्पादन को प्रोत्साहित करने वाली योजना है, बल्कि यह किसानों के आर्थिक सशक्तिकरण का आधार भी है। इसके क्रियान्वयन में किसी भी स्तर पर लापरवाही या उदासीनता पाए जाने पर संबंधित अधिकारी की जिम्मेदारी तय करते हुए कठोर कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।
इस अवसर पर समस्त उप जिलाधिकारी, एडीसीओ, कृषि अधिकारी गौरब यादव आदि सहित सम्बंधित अधिकरी मौजूद रहे।

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