चार श्रम कोड हटाने व नया श्रम कानून लागू करने के विरोध में अखिल भारतीय पल्लेदार मजदूर यूनियन द्वारा हड़ताल 9 जुलाई को
1 min readउरई जालौन

अखिल भारतीय मजदूर आम हड़ताल 9 जुलाई 2025 को क्यों जरूरी है मजदूरों के ऊपर गुलामी का दस्तावेज चार श्रम कोड हटाने 44 श्रम कानून लागू करवाने 8 घंटे काम के अधिकार पर किसी भी तरीके का कोई भी बदलाव सहन न करने के लिए इस पर आज दिनांक 7 जुलाई को गल्ला मंडी विश्रामगृह पल्लेदार मजदूर यूनियन उरई के मजदूरों के बीच बैठक को संबोधित करते हुए ऑल इंडिया सेंट्रल काउंसिल आफ ट्रेड यूनियंस एक्टूकेराष्ट्रीय पार्षद कामरेड राम सिंह चौधरी ने कहा कि आज इस फासीवादी हुकूमत के निजाम के कॉर्पोरेट परस्त सांप्रदायिक फासीवाद की नीतियों के चलते हुकूमत के बैठे हुए हुक्मरानों ने मजदूरों के खिलाफ चार श्रम कोड लाकर अपनी नीतियां स्पष्ट करदी है और उन्होंने कॉरपोरेटियों पूंजी पतियों के हित में यह चार श्रम कोड बनाकर पूंजी पतियों के जोन बनाकर मजदूरों के आंदोलन पर उनके नेताओं पर बेतहाशा जुल्म दमन ज्यास्ती के जरिए उनके ऊपर गलत तरीके से बनाए गए जन विरोधी कानून लागू कर उनकी हड़तालों एवंयूनियन मजदूरों के हक अधिकार को खत्म कर उनको बोलने तक पर पाबंदी लगाकर मजदूरों के ऊपर केंद्र सरकार ने हमला तेज कर दिया है साम्राज्यवादी दुनिया के आकाओं के जरिए कंपनी राज बनाया जा रहा है उसे कंपनी राज के जरिए कंस्ट्रक्शन से लेकर खेत मजदूर की जमीनों के लिए भूमि सुधार नीतियों को खारिज कर दियाहै उसकी जगह पर कॉर्पोरेट को देश की जमीन हथियाने के लिए कृषि कानून और मजदूर विरोधी कानून के जरिए इस देश को तवाह और बर्बाद करने की शियासत रची जा रही है भूमंडलीकरण वैश्वीकरण बाजारीकरण और शेयर मार्केट के जरिए पूरी दुनिया को ही नहीं भारत को जुआ घर बना दिया गया है भारत की आर्थिक स्थिति डामाडोल कर दी गई है बेरोजगारी बेतहाशा बढ़ गई है महंगाई चरम सीमा पार कर गई है भ्रष्टाचार का बोलबाला है महिलाओं दलितों और अल्पसंख्यक मजदूरों के ऊपर यह अब तक का सबसे बड़ा हमला है इसलिए इस देश में मजदूर और किसानों नौजवानों अल्पसंख्यकों दलितों महिलाओं को ही एकता नहीं होना है बल्कि तमाम कर्मचारी संगठनों बिजली रेल बैंक बीमा परिवहन जैसे बड़े सेक्टरों के मजदूरों से खेत मजदूर किसानों की बड़ी एकता का यह समय है तभी इस फासीवाद से टकराया जा सकता है नागरिकता संशोधन बिल से लेकर बोट के अधिकार तक को छीनने की जो फासीवादी की सियासत है वह एक देश एक चुनाव और एक कानून के तहत पूरे देश की संस्कृति सभ्यता इतिहास भूगोल सबको नष्ट किया जा रहा है इस दौर में देश बचाने लोकतंत्र बचाने का ही सवाल नहीं है बल्कि इस देश की जनता को बचाने का सवाल उठ खड़ा हुआ है इस देश की जनता पर जो सीधा हमला है उसके लिए हमें गांव गली कूचे शहर राज ही नहीं बल्कि जन-जनजनता के समाज के बीच पहुंचना होगा तभी यह देश और देश की जनता बचेगी आओ हम सब संविधान बचाने देश बचाने और इस देश की जनता को बचाने के लिए देश की भारत की समस्त जनता को एकजुट करें और चंद कॉरपोरेटियों के हित में काम करने वाले फासीवादी खूंखार चेहरों को उजागर कर उन्हें सत्ता से ही बेदखल ना करें बल्कि उनकी खूंखार विचारधारा को नेस्तनाबूत करने के लिए हमें जन-जन में संविधान से लेकर उनके हक और अधिकारों पर बड़े-बड़े सेमिनार और बड़े-बड़े आंदोलन को आयोजित करना होगा इसी कड़ी में 9 जुलाई 2025 की आम हड़ताल में हम लोगों को बड़ी भागीदारी करते हुए सड़कों पर उतरना होगा हम आप सब से आवाहन करते हैं बिजली पानी रोटी रोजी रोजगार महंगाई बेरोजगारी भ्रष्टाचार ही नहीं बल्कि भारतीय जनता के ऊपर हर हमले का जवाब देना है और मजदूर किसान नौजवान और भारतीय जनता विरोधी हर गलत कानून का विरोध करते हुए हमें इस देश के संविधान और देश की जम्हूरियत को बचाने के लिए अपनी हर कुर्बानी देने के लिए तैयार रहना होगा इसलिए हम जनपद जालौन से समस्त अमन पसंद संविधान के हितैषी लोकतंत्र की रक्षा के लिए मजदूरों की हक और अधिकार के लिए 9 जुलाई की हड़ताल में शामिल हो आज की बैठक में प्रमुख रूप से पल्लेदार मजदूर में अध्यक्ष कॉमरेड राजाराम वर्मा पल्लेदार मजदूर यूनियन कोषाध्यक्ष रामबाबू अहिरवार कार्यालय सचिव अशोक वर्मा पल्लेदार मजदूर यूनियन कार्यकारिणी सदस्य पप्पू उर्फ गया प्रसाद दिलीप सोनू सुनील अजय राजू छोटू विजय बिहारी रवि धीरेंद्र कश्यप प्रदीप शिवम मानसिंह अतर सिंह सुनील मूलचंद रतन सुरेश प्रेमचंद परमेश्वरी दयाल भानु प्रताप सिंह सुलेमान पवन अमरजीत इत्यादि बैठक प्रदर्शन में उपस्थित रहे।
