दबंगों के जानलेवा हमले में घायल युवक की हालत गंभीर, लखनऊ रेफर मुकदमा दर्ज
1 min readपुलिस पर राजनीतिक दबाव में काम करने और आरोपियों को संरक्षण देने का गंभीर आरोप।
पुलिस ने दो आरोपियों का शांति भंग में चालान कर महज की खानापूर्ति
कर्नलगंज,गोण्डा।

कोतवाली क्षेत्र के प्रतापपुर गांव में गुरुवार की शाम एक व्यक्ति पर घात लगाकर जानलेवा हमला किया गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल का जिला अस्पताल में इलाज चल रहा था जहाँ उनकी हालत नाजुक बनी होने से तीसरे दिन लखनऊ रेफर कर दिया गया है। मामले में पुलिस पर राजनीतिक दबाव में काम करने और आरोपियों को संरक्षण देने का गंभीर आरोप लग रहा है। पुलिस ने दो आरोपियों का शांति भंग में चालान कर महज खानापूर्ति की है,जिससे पीड़ित पक्ष में आक्रोश है।
पीड़ित के पुत्र विपिन प्रताप सिंह ने बताया कि उनके पिता अमरेश सिंह पुत्र त्रिभवन सिंह 26 जून, 2025 की शाम करीब 7:30 बजे खेत से घर लौट रहे थे। तभी प्राथमिक विद्यालय प्रतापपुर के पास घात लगाए बैठे कन्हई पुत्र श्रीराम, सुकई और राहुल पुत्र कंधई निवासी प्रतापपुर ने लाठी, डंडा और धारदार हथियार से उन पर हमला कर दिया। हमले में अमरेश सिंह गंभीर रूप से घायल होकर बेहोश हो गए। हमलावरों ने उन्हें मृत समझकर दोबारा हमला किया,जिससे उनके सिर और शरीर के अन्य हिस्सों पर गहरी चोटें आईं। इसके बाद आरोपी उन्हें मृत मानकर फरार हो गए।
गांव व परिवार वालों को घटना की सूचना मिलने पर वे मौके पर पहुंचे और अमरेश को तुरंत अस्पताल ले गए। प्राथमिक उपचार के बाद उनकी नाजुक हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें गोंडा मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया,जहां तीसरे दिन उन्हें लखनऊ रेफर कर दिया गया है। विपिन ने कर्नलगंज कोतवाली में तहरीर देकर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
विपिन ने आरोप लगाया कि पुलिस राजनीतिक दबाव में काम कर रही है और आरोपियों को संरक्षण दे रही है। उन्होंने बताया कि पुलिस ने केवल मामूली धाराओं में मुकदमा दर्ज करके दो आरोपियों का शांति भंग के तहत चालान किया,जो इस गंभीर मामले में महज खानापूर्ति है। इस कार्रवाई से पीड़ित पक्ष में नाराजगी है और उन्होंने आरोपियों से जान माल का खतरा जताते हुए उच्चाधिकारियों से सुरक्षा की गुहार लगाई है। मामले में प्रभारी निरीक्षक तेज प्रताप सिंह ने बताया कि तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और अग्रिम कार्रवाई की जा रही है। हालांकि, स्थानीय लोगों और पीड़ित पक्ष का कहना है कि पुलिस की कार्रवाई में सुस्ती और पक्षपात दिख रहा है। इस घटना ने क्षेत्र में तनाव बढ़ा दिया है, और लोग निष्पक्ष जांच व आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं।
