अड़ियल रवैए के थानाध्यक्ष बीकापुर नहीं मानते वरिष्ठ अधिकारियों का आदेश “मामले पर करते हैं गुमराह
1 min readअड़ियल रवैए के थानाध्यक्ष बीकापुर नहीं मानते वरिष्ठ अधिकारियों का आदेश “मामले पर करते हैं गुमराह?
लगभग दो माह बीत जाने के बाद भी नहीं दर्ज हुआ एफआईआर
बीकापुर अयोध्या
मामला जनपद के बीकापुर कोतवाली अंतर्गत मोतीगंज चौकी क्षेत्र के ग्राम पंचायत रामपुर जोहन (पूरे कालूकापुरवा) निवासी
बीते दिनांक 3/5/2025 को दबंगों के द्वारा पीड़ित पर स्कॉर्पियो से साइड मारने व चढ़ाने का प्रयास असफल होने पर हाथापाई करते हुए जान से मारने की दी धमकी दबंगों ने
जहां मौके पर पीड़ित के द्वारा डांयल 112 पर घटना की सूचना देकर जान बचाने की लगाई गुहार
मौके पर पहुंची डायल 112 घटना की पुष्टि करने बाद प्रार्थी को सकुशल बीकापुर कोतवाली पहुंचाया वहीं थाना कोतवाली बीकापुर में मौजूद क्षेत्राधिकारी पीयूष कुमार व ग्रामीण एसपी बलवंत चौधरी भी मौजूद थे
जिनके द्वारा थाना प्रभारी को विधिक कार्रवाई करने का मौखिक रूप से आश्वासन भी दिया गया जिसकी हकीकत कोतवाली के कैमरे बयां करेंगे
जहां पर बीकापुर पुलिस प्रशासन के द्वारा चोटिल पीड़ित का मेडिकल भी कराया गया जिसके बाद पीड़ित को एफआईआर दर्ज करने का आश्वासन देकर भेज दिया गया।
ठीक दूसरे दिन रासूखदार दलालों की सय पर मामले पर लीपापोती करते हुए जमीनी प्रकरण बताया गया जबकि प्रार्थी अपने सहन निवास से लगभग 12 वर्षों से अलग रहता है।
जबकि प्रार्थी के पैतृक निवास पर पाटीदार से जमीनी बिबाद अबैध खिड़की खोलने को लेकर चल रहा था प्रार्थी के पिता से,
जोकि उससे पीड़ित का कोई लेना-देना नहीं है थाने पर दबाव बस ऑडियल रवैये के थाना प्रभारी लालचंद सरोज ने प्रार्थी को प्रथम पक्ष बनवाया
कुछ दिन बीत जाने के बाद एफआईआर दर्ज न होने पर पीड़ित ने लगाई न्याय की गुहार वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गौरव ग्रोवर से और बताई आप बीती,
जहां पर एसएसपी के द्वारा क्षेत्राधिकारी बीकापुर से स्पष्टि मांगा गया कि क्यों नहीं दर्ज हुई एफआईआर व जांच कर कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया।
एक सप्ताह बाद पूरे मामले पर लीपापोती करते हुए जमीनी प्रकरण बताते हुए आख्या प्रस्तुत कर दी गई
वही पीड़ित लीपापोती की आख्या देखकर पुनः दूसरी बार पहुंचा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गौरव ग्रोवर के दरबार
जहां पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने मेडिकल का कारण पूछते हुए क्षेत्राधिकारी को लिखित आदेशित व कार्रवाई का आश्वासन दिया
जहां पर क्षेत्राधिकारी बीकापुर के द्वारा पीड़ित को बुलाकर पूरे मामले की जानकारी ली और बयान भी दर्ज किया और अश्वासन दिया जांचकर कार्रवाई की जाएगी।
जहां क्षेत्राधिकारी बीकापुर एसडीएम बीकापुर व बीकापुर कोतवाली प्रभारी एवं मोतीगंज चौकी प्रभारी के द्वारा पीड़ित के आवास पर न जाकर पैतृक आवास पर जाकर जांच की गई जिसकी जानकारी भी प्रार्थी को नहीं दी गई
वही सबसे बड़ा सवाल उप जिलाधिकारी बीकापुर का परिक्षेत्र भी नहीं है पूर्व में उप जिला अधिकारी मिल्कीपुर के द्वारा जानकारी के मुताबिक पाटीदार को सिविल में जाने का आश्वासन दिया आप वहां से आदेश लाइए तब खिड़की खोलिए
लेकिन आज तक कार्रवाई के नाम पर कुछ भी नहीं किया गया जिससे पीड़ित लाचार परेशान होकर घर बैठ गया।
सूबे की योगी सरकार में किसी पीड़ित को न्याय मिलना आसान नहीं- जोकि सूत्रो से मिली जानकारी के अनुसार पुलिस प्रशासन के द्वारा सेटिंग गेटिंग कर भ्रष्टाचार में लिप्त होकर पीड़ित को न्याय दिलाने में असफल रहते हैं।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि बीकापुर थाना प्रभारी बरिष्ठ अधिकारियों को क्यों करते हैं गुमराह, बरिष्ठ अधिकारियों के आदेश का क्यों नहीं करते पालन?
एक पुरानी कहावत के अनुसार…..
“सोर्स इज फोर्स मनी इज पावर “
इस मामले में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अयोध्या के द्वारा इस प्रकरण को लेकर कार्रवाई की जाएगी या भ्रष्टाचार में लिप्त होकर लीपापोती की जाएगी।

