अधिवक्ता व सपा नेता महेंद्र मौर्य की जघन्य हत्या के बाद राजनीतिक हलचल तेज
1 min readअधिवक्ता की हत्या पर गरजे स्वामी प्रसाद मौर्य
पीड़ित परिवार से मिले, बोले– ‘उत्तर प्रदेश में जंगलराज चरम पर’
अखंड नगर/सुलतानपुर

मरुई किशनदासपुर गांव में अधिवक्ता व सपा नेता महेंद्र मौर्य की जघन्य हत्या के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। मंगलवार को अपनी जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे। उन्होंने परिजनों को सांत्वना देते हुए घटना की तीखी निंदा की और सरकार व पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि “उत्तर प्रदेश में कानून का राज नहीं बल्कि जंगलराज कायम हो गया है। अपराधियों को सत्ता का संरक्षण प्राप्त है और पुलिस पीड़ितों पर ही जुल्म कर रही है।”
जख्मी परिजन बोले– पुलिस ने भी पीटा, दर्द और डर दोनों साथ
परिजनों ने मौर्य को दिखाए शरीर पर चोट के निशान। किसी की पीठ, किसी के गले और पैर पर गहरे जख्म थे। परिजन बोले– पुलिस ने हमें पीटा, जबकि हम न्याय मांग रहे थे।
मौर्य बोले– ‘यह हत्या नहीं, लोकतंत्र पर हमला है’
मौर्य ने कहा कि अधिवक्ता की हत्या केवल एक व्यक्ति की हत्या नहीं, बल्कि न्याय व्यवस्था और लोकतंत्र पर हमला है। यह दर्शाता है कि अपराधियों के हौसले कितने बुलंद हैं।
‘योगी सरकार में दलित-पिछड़े सबसे ज्यादा पीड़ित’
मौर्य ने कहा कि अनुसूचित जाति, जनजाति और पिछड़े वर्ग के लोगों को टारगेट कर उन्हें गाजर-मूली की तरह काटा जा रहा है। बलात्कार, हत्या और अत्याचार की घटनाएं आम हो चुकी हैं।
सत्ता के इशारे पर नाच रही पुलिस: मौर्य
स्वामी प्रसाद मौर्य ने आरोप लगाया कि पुलिस पीड़ितों को न्याय देने के बजाय अपराधियों को बचाने में जुटी है। उन्होंने कहा कि पुलिस की बर्बरता सत्ता के इशारे पर हो रही है।
पुरानी तीन हत्याओं का भी जिक्र, सवाल– कब मिलेगा न्याय?
मौर्य ने अपने बयान में गांव और आसपास में पूर्व में हुई तीन अन्य हत्याओं का जिक्र करते हुए पूछा कि क्या पीड़ितों को न्याय मिला? क्या हत्यारों को सजा मिली?
सरकार मूक, बधिर और अंधी बनी बैठी है
उन्होंने कहा कि प्रदेश में आफत का पहाड़ टूट रहा है, लेकिन सरकार कान में तेल डालकर बैठी है। यह सरकार न अपराध देख रही है, न पीड़ा सुन रही है और न ही कोई कार्रवाई कर रही है।
लीपापोती के संकेत, निष्पक्ष जांच की मांग
मौर्य ने 8 जून की रात हुई घटना में पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि पूरे मामले को दबाने और लीपापोती की कोशिश की जा रही है। उन्होंने उच्च अधिकारियों से निष्पक्ष जांच की मांग की।
मुआवजे और योजनाओं में भी जातीय भेदभाव
मौर्य ने कहा कि सरकार केवल दिखावे के लिए मुआवजे की बातें करती है, लेकिन अनुसूचित जाति और पिछड़े वर्ग के पीड़ितों को उनका हक तक नहीं मिलता।
स्वामी प्रसाद मौर्य ने स्पष्ट कहा कि “अगर उत्तर प्रदेश को कानून का राज दिलाना है, तो इस सरकार की विदाई ही एकमात्र विकल्प है।”
उन्होंने हत्यारों की शीघ्र गिरफ्तारी, पीड़ित परिवार को सुरक्षा की मांग की।
साथ ही, चेतावनी दी कि अगर न्याय नहीं मिला तो मामला आगे तक ले जाऊँगा।

