February 11, 2026

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डीएलएड मान्यता को लेकर संकट के बादल छाए – सत्र 2025 से नामांकन पर लगी रोक

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डीएलएड मान्यता को लेकर संकट के बादल छाए – सत्र 2025 से नामांकन पर लगी रोक

मिल्कीपुर के श्री राम जानकी महाविद्यालय रामनगर अमावा सूफी का मामला

जानकारी के बाद महाविद्यालय के शिक्षकों, अभिभावकों एवं छात्र-छात्राओं में मचा हड़कम्प

मिल्कीपुर अयोध्या
मिल्कीपुर विधानसभा क्षेत्र के अमानीगंज ब्लाक क्षेत्र स्थित श्री राम जानकी महाविद्यालय रामनगर अमावा सूफी की डी एल एड की मान्यता को लेकर एनसीटीई द्वारा बड़ा महत्वपूर्ण फैसला ले लिया गया है। जहां शिक्षण सत्र 2025 से छात्र-छात्राओं के नामांकन पर एनसीटी ने रोक लगा दी है। यही नहीं डीएलएड मान्यता प्रत्याहरण की कार्यवाही भी शुरू हो गई है। जिसकी जानकारी के बाद समूचे क्षेत्र सहित महाविद्यालय से जुड़े शिक्षकों, अभिभावकों, व छात्रों में हड़कंप मच गया है। बताते चलें कि गत पांच वर्षों से लगातार इलाहाबाद उच्च न्यायालय के अधिवक्ता व भारत सरकार के पूर्व सीजीसी पवन पाण्डेय निवासी इछोई द्वारा श्री राम जानकी महाविद्यालय रामनगर अमावा सूफी के फर्जीबाड़े की शिकायत की जा रही है। महाविद्यालय के भूमि, भवन, मान्यता, संबद्धता, शिक्षकों के फर्जी अनुमोदन, गबन व घोटाले को लेकर उन्होंने प्रदेश के मुख्यमंत्री से लेकर एनसीटीई के जिम्मेदार अधिकारियों से शिकायतें की थी। इसके बाद शिकायती पत्र के आधार पर उच्च स्तरीय जांच पड़ताल हुई। एनसीटीई की ओर से जिन महाविद्यालयों के डीएलएड की मान्यता को लेकर शिक्षण सत्र 2025 से छात्रों के नामांकन पर रोक लगाई गई है, उनमें क्रमांक 592 के यूपी – 2311 पर श्री राम जानकी महाविद्यालय रामनगर अमावा सूफी फैजाबाद का नाम उल्लिखित है। फिलहाल यदि एनसीटीई डीएलएड की मान्यता रद्द की गई तब की दशा में महाविद्यालय से डीएलएड की डिग्री प्राप्त कर चुके छात्र-छात्राओं की डिग्रियां निरस्त होने के आसार प्रबल हो गए हैं। जिसको लेकर अब छात्र-छात्राओं एवं उनके अभिभावकों में खलबली मच गई है। वहीं दूसरी ओर महाविद्यालय के फर्जी बाड़े की कलई एक के बाद एक लगातार खुलने से क्षेत्रवासी अभिभावकों का महाविद्यालय की विश्वसनीयता से विश्वास पूरी तरह से उठ चुका है।

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