ग्राम प्रधान ने रचा इतना बड़ा खेल, एक ब्राह्मण परिवार हो गया तबाह, सवर्ण आर्मी पर हुई एफआईआर दर्ज
1 min readकौशांबी में ग्राम प्रधान ने रचा इतना बड़ा खेल, एक ब्राह्मण परिवार हो गया तबाह, सवर्ण आर्मी पर हुई FIR…
ग्राम प्रधान ने बेटे को जेल भेजवाया, पिता ज़हर खाकर थाने पहुंचा, शर्ट उतारी तो पेट पर लिखे थे आरोपियों के नाम!
सवर्ण आर्मी ने किया आंदोलन,
पुलिस ने 30 लोगों पर ठोंका मुकदमा,
रामबाबू तिवारी, पता लोहदा गांव, जिला कौशांबी, बताते हैं, जिनके बेटे को पुलिस ने एक नाबालिग से गलत हरकत के आरोप में जेल में बंद किया था,
वो कह रहे थे मेरा बेटा निर्दोष है, उसे ग्राम प्रधान ने फंसाया है, पर और कुछ कह पाते उससे पहले ही तबियत बिगड़ जाती है,
पुलिस इन्हें उठाकर सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र सिराथु ले जाती है, जहां उनकी मौत हो जाती है.
शर्ट हटाने पर उनके पेट पर कुछ आरोपियों के नाम भी लिखे नजर आते हैं,
जिसमें ग्राम प्रधान भूपनारायण पाल और उसके साथियों का नाम था.
पीड़ित परिवार का आरोप है कि ग्राम प्रधान ने फर्जी तरीके से उनके लड़के को फंसाया है.
जबकि दूसरी थ्योरी पुलिस की है, जिसके मुताबिक सीओ सिराथू अवधेश विश्वकर्मा का दावा है
“सैनी थाने की पुलिस को एक व्यक्ति के जहर खाने की सूचना मिली थी. पुलिस मौके पर पहुंची, पीड़ित को मेडिकल कॉलेज पहुंचाया, जहां उसकी मौत हो गई, पूरे मामले की जांच की जा रही है.”
सवर्ण आर्मी ने जब सड़क पर उतरकर विरोध जताना शुरू किया, तो सवर्ण आर्मी के जिलाध्यक्ष समेत 30 लोगों के खिलाफ पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया,
ये दावा सवर्ण आर्मी बाराबंकी के ट्विटर हैंडल से किया जाता है.
जिसमें एक अखबार की कटिंग के साथ लिखा कौशांबी सवर्ण आर्मी के जिला अध्यक्ष और कार्यकर्ताओं का सिर्फ इतना अपराध है कि उन्होंने एक गरीब ब्राह्मण को न्याय दिलाने के लिए आवाज उठाई।
सवर्ण आर्मी ने इसे लेकर 4 बड़ी मांगे रखी है.
सरकार और कौशाम्बी प्रशासन से सर्वण आर्मी की अपील..
पहला- पीड़ित परिवार को न्याय मिले
दूसरा- कार्यकर्ताओं पर हुई फर्जी FIR रद्द हो,
तीसरा- दोषी पुलिस,अधिकारियों पर कार्यवाही हो।
चौथा- परिवार को सुरक्षा और मुआवजा दिया जाए।
कई लोग इस घटना के बाद यूपी में ब्राह्मणों के खिलाफ हो रहे अन्याय का मुद्दा भी उठा रहे हैं,
जिनका दावा है योगीराज में ब्राह्मणों को इंसाफ नहीं मिल पा रहा है.

