February 11, 2026

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गंगाजी का अवतरण दिवस है गंगा दशहरा :- दिनेशाचार्य जी महाराज

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अयोध्या

गंगाजी के स्वर्ग से पृथ्वी पर अवतरण का पौराणिक महत्व है। हिन्दू पंचाग के अनुसार ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की दशमी को हस्त नक्षत्र में गंगा पृथ्वी पर अवतरित हुई थीं। अत: इस दिन को उनके नाम से गंगा दशहरा के रूप में मनाया जाता है। इस बार 5 जून गुरुवार को है। इस दिन गंगा स्नान करने से 10 तरह के पाप खत्म हो जाते हैं इसी कारण से इसे गंगा दशहरा कहते हैं।
इस बार हस्त नक्षत्र, गुरुपूर्णा सिद्धि योग, तथा रवियोग होने से इसका महत्व कई गुना बढ़ गया है। इसी तिथि को भगवान राम ने सेतुबंध रामेश्वरम की प्रतिष्ठा भी की थी।
गंगा स्नान के अलावा दान और पूजन करने से मनोकामनाएं भी पूरी होती हैं। वहीं ग्रंथों में गंगा स्नान के कुछ नियम भी बताए गए हैं। जिनको ध्यान में रखकर स्नान करने से पुण्य मिलता है।
गंगा स्नान से 10 पापों का होता है शमन
हनुमानगढ़ी,रामपुर भगन के महंत दिनेशाचार्य महाराज ने बताया कि गंगा दशहरा को गंगा नदी में स्नान करने मात्र से पापों का शमन होता है तथा अनंत पुण्यफल की प्राप्ति होती है। पापों का प्रायश्चित हो जाने पर पुनः उन पाप कर्मों में लिप्त नहीं होना चाहिए।
स्मृतिग्रंथ में दस प्रकार के पाप बताए गए हैं। कायिक, वाचिक और मानसिक। इनके अनुसार किसी दूसरे की वस्तु लेना, शास्त्र वर्जित हिंसा, परस्त्री गमन ये तीन प्रकार के कायिक यानि शारीरिक पाप हैं।
कटु बोलना, असत्य भाषण, परोक्ष में यानी पीठ पीछे किसी की निंदा करना, निष्प्रयोज्य बातें करना ये चार प्रकार के वाचिक पाप हैं।
इनके अलावा परद्रव्य को अन्याय से लेने का विचार करना, मन में किसी का अनिष्ट करने की इच्छा करना, असत्य हठ करना ये तीन प्रकार के मानसिक पाप हैं।
गंगास्नान के नियम
गंगा नदी में हर हर गंगे का उच्चारण करते हुए सिर्फ डुबकी लगाएं lपवित्र नदी में शरीर का मैल न निकालें। साबुन का प्रयोग कदापि न करें।
गंगा नदी में मनुष्य की अशुद्धि नहीं जानी चाहिए। स्नान करते समय शरीर को हाथों से नहीं रगड़ना चाहिए।
गंगा स्नान करने के बाद शरीर को कपड़े से नहीं पोंछना चाहिए। जल को शरीर पर ही सूखने देना चाहिए।
मृत्यु या जन्म सूतक के समय भी गंगा स्नान किया जा सकता है, लेकिन महिलाओं को अपवित्र स्थिति में गंगा स्नान नहीं करना चाहिए।
स्नान करने जाएं तो वहां से गंगाजल घर पर जरूर लाना चाहिए। घर पर गंगाजल रखना और इसका छिड़काव करना बहुत ही शुभ माना जाता है। इसको घर में रखने से घर में सुख-संपदा और खुशहाली आती है और घर से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है।
इस दिन गंगा नदी में स्नान करना चाहिए, ऐसा न कर सकें तो घर पर ही पानी में गंगाजल डालकर हर हर गंगे का उच्चारण करते हुए नहाना चाहिए।•

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