बार एसोसिएशन ने मनाया भगवान परशुराम की जयंती
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सुलतानपुर
जनपद के तहसील कादीपुर में अक्षय तृतीया के दिन जन्मदिन विशेष रूप से मनाया जाता है। जो पहले के माता-पिता ने नाम- राम रख दिया था। बाद में भगवान शिव जी के उपासना किया जिसके बाद भगवान शिव जी प्रसन्न होकर भगवान राम को एक (फरसा) दिया और आशीर्वाद प्राप्त किया। जिसके बाद राम आगे परशु शब्द जुड़ गया और तब से भगवान श्री परशुराम के नाम से जाने जाते हैं। भगवान श्री परशुराम के पिता का नाम जमदग्नि ऋषि माता का नाम रेणुका था। त्रेता युग (रामायण काल) के छठवें अवतार थे। जमदग्नि ऋषि के द्वारा पुत्रेष्टि यज्ञ करने के बाद देवराज इन्द्र प्रसन्न होकर वरदान स्वरूप पत्नी रेणुका को गर्भधारण किया। जिसके बाद वैशाख शुक्ल पक्ष अक्षय तृतीया के शुभ मुहूर्त को मध्यप्रदेश के इन्दौर जिला में ग्राम मानपुर के जानापाव पर्वत जन्म हुआ था। पौराणिक काल में बताया जाता है भगवान श्री परशुराम जी ने पिता के आदेश पर अपनी माता व दो भाई के सिर को काट दिया था। बाद में पिता के प्रसन्न होने पर वरदान स्वरूप पुनः अपनी माता व दो भाईयों को जीवित करने का वरदान मांगा लिया उसके बाद ऋषि के आशीर्वाद से पुनः माता व दो भाईयों को जीवित कर दिया।

भगवान श्री परशुराम जी के रामायण काल में भगवान श्री राम के द्वारा सीता स्वयंवर में भगवान् शिव जी के धनुष को उठा कर तोड़ दिया। जिसके बाद भगवान श्री राम व भगवान श्री परशुराम के पहुंचने से कड़े शब्दों में लक्ष्मण के संवाद होता है। जिसके बाद भगवान श्री राम के द्वारा विनम्रतापूर्वक कहा गया प्रभु मेरे द्वारा ही यह धनुष तोड़ा गया है। जिसके बाद ऋषि मुनि के आग्रह पर क्रोध शांत होता है। जिससे यहां पता चलता है कि भगवान शिव जी से बहुत प्रेम करते थे।
जहां एक तरफ कादीपुर में हजारों ब्राह्मणों की संख्या कादीपुर जूनियर हाईस्कूल में के मैदान में एकत्रित हो भगवान श्री परशुराम जी जन्मदिन पर शोभायात्रा श्रवण कुमार मिश्रा , बजरंगी चौबे रामसहाय दुबे रमेश पांडे एडवोकेट रमेश कुमार तिवारी शिवाकांत पांडे आलोक पांडे लाल जी पांडे विश्वनाथ मिश्र रामचंद्र उपाध्याय प्रमोद मिश्रा आदि हजारों ब्राह्मणों निकालकर पटेल चौक से सूरापुर से करौंदी कला में ले जाकर माल्यार्पण कर सम्पन्न हुआ।
तो वहीं दूसरी तरफ बार एसोसिएशन ऑफ कादीपुर में सैकड़ों की संख्या में बार अध्यक्ष दिनेश चंद्र शुक्ला, उपाध्यक्ष सचिन, सचिव अखिलेश उपाध्याय,पूर्व अध्यक्ष के.के.तिवारी, राजाराम तिवारी अरविंद तिवारी, जयकृष्ण पाण्डेय के.के. तिवारी, विश्वनाथ मिश्रा अजय कुमार तिवारी,मनोज पाण्डेय कुम्भज तिवारी, रामसहाय दुबे, आदि सैकड़ो लोग उपस्थित रहे।
प्रशासन का आया दोहरा चरित्र सामने नहीं दिया परमिशन, ब्राह्मणों के सम्मान पर पहुंचा ठेस
भगवान परशुराम की जयंती पर जब ब्राह्मण महासभा की तरफ प्रार्थना पत्र दिया गया तो उसे पर उप जिला अधिकारी उत्तम तिवारी के द्वारा परमिशन नहीं दिया गया जबकि उप जिला अधिकारी के द्वारा पूर्व में बीते दिनों कई लोगों को परमिशन दिया गया। जिससे शासन सत्ता की मानसा दोहरा चरित्र स्पष्ट हो रहा है। ऐसा ब्राह्मण महासभा अध्यक्ष रमेश तिवारी द्वारा बताया गया।और घोर निन्दा करते हुए, ब्राह्मणों एकजुट होकर रहने की जरूरत है।
