स्वास्थ्य सेवाओं को और सुदृढ़ करने के लिए योगी सरकार ने अयोध्या को दी 33 नई एंबुलेंस की सौगात
1 min readयोगी सरकार ने अयोध्या को दी 33 नई एंबुलेंस की सौगात

-इसमें से 108 की 17 व 102 की 16 एंबुलेंस हैं शामिल
-सीएससी, पीएचसी, मेडिकल कॉलेज व श्री राम हॉस्पिटल में बढ़ेंगे फेरे
-तीन लाख किमी के बाद बदल ली जाती है एंबुलेंस एक फोन पर सात मिनट के अंदर पहुंचती है एंबुलेंस
अयोध्या,
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को और सुदृढ़ करने के लिए 33 नई एंबुलेंस की सौगात दी है। इनमें 17 एंबुलेंस 108 सेवा और 16 एंबुलेंस 102 सेवा के लिए हैं। ये नई एंबुलेंस शासन के निर्देश पर पुरानी और घिस चुकी एंबुलेंस की जगह तैनात की गई हैं। अब जिले में कुल 59 एंबुलेंस उपलब्ध हैं, जिन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी), प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी), मेडिकल कॉलेज और श्री राम हॉस्पिटल में तैनात किया गया है। इस कदम से आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं में तेजी और सुधार की उम्मीद है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार, एंबुलेंस को तीन लाख किलोमीटर की दूरी तय करने के बाद बदल दिया जाता है, ताकि सेवा की गुणवत्ता और विश्वसनीयता बनी रहे। नई एंबुलेंस के शामिल होने से मरीजों को त्वरित और सुरक्षित चिकित्सा सुविधा मिल सकेगी। वर्तमान में अयोध्या में एंबुलेंस का औसत रिस्पॉन्स टाइम सात मिनट है, जो आपात स्थिति में मरीजों के लिए जीवन रक्षक साबित हो सकता है। इस रिस्पॉन्स टाइम को और कम करने के लिए योगी सरकार लगातार प्रयासरत है।
एजेंसी के पास है चालक व परिचालकों की जिम्मेदारी
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुशील कुमार बनियान ने बताया कि इन एंबुलेंस का संचालन एक निजी एजेंसी के माध्यम से किया जा रहा है। यह एजेंसी एंबुलेंस के रखरखाव, चालकों और पैरामेडिकल स्टाफ की व्यवस्था करती है। इसके साथ ही, एंबुलेंस सेवाओं की गुणवत्ता और प्रदर्शन की समीक्षा हर माह मुख्यमंत्री डैशबोर्ड के जरिए की जाती है। इस डैशबोर्ड के माध्यम से एंबुलेंस की उपलब्धता, रिस्पॉन्स टाइम और मरीजों को दी जाने वाली सेवाओं की निगरानी होती है। किसी भी कमी पाए जाने पर तत्काल सुधारात्मक कदम उठाए जाते हैं। अयोध्या जो धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, वहां आने वाले श्रद्धालुओं और स्थानीय निवासियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। ऐसे में स्वास्थ्य सेवाओं का मजबूत होना बेहद जरूरी है।
आपातकालीन परिवहन में होगा सुधार
सीएचसी-पीएचसी, श्री राम हॉस्पिटल और मेडिकल कॉलेज समेत अन्य अस्पतालों में पहले से ही बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हैं और अब नई एंबुलेंस के शामिल होने से आपातकालीन परिवहन में और सुधार होगा।
आधुनिक है एम्बुलेंस
अयोध्या पहुंची सभी एम्बुलेंस आधुनिक हैं। इनमें ऑक्सीजन सिलेंडर, स्ट्रेचर, प्राथमिक चिकित्सा किट और अन्य जरूरी उपकरण शामिल हैं। इससे मरीजों को अस्पताल पहुंचाने से पहले ही प्राथमिक उपचार दिया जा सकता है।
मार्च में 102 एंबुलेंस से 12 हजार को मिला इलाज
एंबुलेंस एजेंसी के जिला प्रोजेक्ट मैनेजर दीपक कुमार ने बताया कि क मार्च में 102 नंबर की एंबुलेंस ने 12 हजार के करीब मरीजों को अस्पताल पहुुंचाया। इनमें गर्भवती महिलाएं शामिल रहती हैं। गर्भवती महिलाओं की जांच, डिलीवरी, डिलीवरी के बाद दो साल तक बच्चों के चेकअप के लिए एंबुलेंस मुफ्त में उपलब्ध कराई जाती है। वहीं 108 वाली एंबुलेंस ने मार्च में छह हजार के करीब मरीजों को अस्पताल पहुंचाया है।
