स्वाभिमान व सम्मान समारोह एवं पीडीए कार्यकर्ता सम्मेलन में पीडीए ने संविधान संरक्षण का लिया संकल्प सपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव
1 min readलखनऊ

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने इटावा के महेवा ब्लाक में आयोजित स्वाभिमान स्वसम्मान समारोह एवं पीडीए कार्यकर्ता सम्मेलन में संविधान निर्माता बाबा साहब डॉ0 भीमराव अम्बेडकर की प्रतिमा का अनावरण किया।
अखिलेश यादव ने कहा कि आज हम पीडीए परिवार के लोग संकल्प लेते हैं कि कोई कितना भी ताकतवर हो जाय, तानाशाह हो जाय लेकिन हम लोग बाबा साहब का संविधान नहीं बदलने देंगे। संविधान के प्रति ईमानदारी से एकजुटता के साथ खड़े रहेंगे और अपने वोट के अधिकार का इस्तेमाल करेंगे। अंग्रेजों के जाने और देश की आजादी के बाद बाबा साहब अम्बेडकर ने भारत को दुनिया का सबसे अच्छा संविधान दिया। संविधान देने के साथ-साथ हम सबको अधिकार दिलाने का काम किया लेकिन भाजपा सरकार अधिकारों को छीन रही है।
यादव ने कहा कि भाजपा सरकार को संविधान की परवाह नहीं है। संविधान पर आ रहे खतरे को देखते हुए पीडीए परिवार ने संविधान बचाने का संकल्प लिया और नारा दिया। पीडीए की एकजुटता, बाबा साहब के संविधान, डॉ0 राममनोहर लोहिया के समाजवादी चिंतन और नेताजी के संघर्षों के बल पर समाजवादी पार्टी और इंडिया गठबंधन ने उत्तर प्रदेश में लोकसभा के चुनाव में सबसे ज्यादा सीटें जीती। भारतीय जनता पार्टी को बहुमत से दूर कर दिया। आज केन्द्र सरकार में भाजपा का बहुमत नहीं है।
अखिलेश यादव ने कहा कि इटावा औरैया के लोग बहुत क्रांतिकारी है। इनका इतिहास बहुत महत्वपूर्ण रहा है। यहां चंबल और बीहड़ बगल में है। कहीं ऐसी बीहड़ नहीं है, जैसा यहां का है। यही नहीं 1857 की आजादी की लड़ाई में यहां के कलेक्टर एओ ह्यूम क्रांतिकारियों के डर से भाग गए थे। वे वैसे भागे थे जैसे दिल्ली में एक बाबा जी कपड़े पहन कर भागे थे। यह इतिहास के पन्नों में दर्ज है। बाद में उन्होंने कांग्रेस की स्थापना की थी। इटावा का इतिहास ए ओ ह्यूम से जुड़ा है। वहीं औरैया के लोग जानते है कि देश की आजादी में क्रांतिकारी गेंदा लाल दीक्षित का बहुत बड़ा योगदान है। मैनपुरी कांसपरेसी की वजह से उन्हें प्रताड़ना झेलनी पड़ी। गेंदालाल दीक्षित ने राम प्रसाद बिस्मिल जैसे क्रांतिकारियों को अपने साथ लेकर तमाम क्रांतिकारियों को जगाने का काम किया।
अखिलेश यादव ने कहा कि इटावा औरैया के क्षेत्र में तमाम साथी पैदा हुए जो अन्याय के खिलाफ लड़े। फूलन देवी का भी एक संघर्षपूर्ण इतिहास है। दुनिया के इतिहास में जितनी प्रताड़ना और अन्याय फूलन देवी के साथ हुआ उतना किसी महिला के साथ नहीं हुआ होगा। फूलन देवी पर जो फिल्म बनी उसमें अन्त में दिखाया गया कि एक पिछड़ी जाति की सरकार आयी, जिसने फूलन देवी के मुकदमें वापस लिये और छुडाया। फूलन देवी के साथ जो अपमान हुआ था उसके बदले सम्मान दिलाने के लिए नेताजी और समाजवादी पार्टी ने उनको लोकसभा पहुंचाने का काम किया। बहुत लोग इतिहास नहीं जानते हैं, जब फूलन देवी ने आत्मसमर्पण किया था तब तय हुआ था कि जो-जो डाकू इस समय आत्मसमर्पण कर रहे हैं उन्हें छोड़ दिया जाएगा। सबको छोड़ दिया गया लेकिन फूलन देवी को नहीं छोड़ा गया था। उसी शर्त के आधार पर नेताजी श्री मुलायम सिंह यादव ने मुख्यमंत्री बनने के बाद मुकदमें वापस लिए। फूलन देवी को छुडवाया और लोकसभा में पहुंचाया। इटावा और इस इलाके का इतिहास यह है। वहीं आज इतिहास को लोग अलग-अलग तरीके से देख रहे हैं।मुगले-आजम फिल्म बनाने वाले के. आसिफ इटावा के थे।
कार्यक्रम का आयोजन इटावा के सांसद जितेन्द्र दोहरे ने किया।
