हजरत अली अलैहिस्सलाम के शहादत के मौके पर अमहट में निकला जुलूस
1 min readसुल्तानपुर
हजरत अली अलैहिस्सलाम की शहादत के मौके पर बुधवार से शनिवार तक शिया बाहुल्य क्षेत्रों में मजलिस मातम का दौर जारी रहा शनिवार को अलीगढ़ व अली नगर में भी जुलूस उठाया गया जामा मस्जिद अमहट में दोपहर 1बजे एक मजलिस हुई जिसको मौलाना मोहम्मद जाफर खान ने पड़ी उन्होंने कहा हजरत अली अलैहिस्सलाम ने अपने दौरे हुकूमत में ईराक के शहर कूफा को अपनी राजधानी बनाया था अली की हुकूमत इन्साफ पसन्द थी जिसमें गरीबों मजलूमो का खास खयाल रखा जाता था लेकिन अली के दुश्मन हमेशा घात में रहते थे 19वीं रमजान की सुबह मौला अली कूफे की मस्जिद में सुबह की नमाज पढ़ा रहे थे जैसे सजदे से सर उठा या तो एक जालिम जिसका नाम अब्दुर्रहमान इबने मुल्जिम था उसने जहर से बुझी हुई तलवार सर पर मारदी जिससे आज ही के दिन 21वीं रमजान को मौला अली की शहादत होगयी आपको नजफ में दफन किया गया। इसके बाद शबीह ताबूत का जुलूस उठकर हुसैनिया नौतामीर अहमहट में समाप्त हुआ जिसमें अंजुमन असगरिया अमहट व अंजुमन असगरिया कदीम अमहट अंजुमन जीनतुल अजा कदीम अलीगढ़ अंजुमन पंजतनी तुराबखानी ने नौहा मातम किया।इसकी जानकारी हैदर अब्बास खान अध्यक्ष हुसैनी शिया वेलफेयर एसोसिएशन सुलतानपुर ने दी है।

