पत्रकारों एवं अधिवक्ताओं के लिए वेतन व पेंशन योजना प्रारंभ करें सरकार :- डा. मुरलीधर सिंह एडवोकेट
1 min readविशेष कर हम अधिवक्ता भाइयों एवं पत्रकार भाइयों से
नव वर्ष की के अवसर पर शुभकामनाओं 2025 के साथ-साथ
नई बात की चर्चा करना चाहते हैं पत्रकारों एवं अधिवक्ताओं के पेंशन के लिए
लखनऊ
अधिवक्ता मा. उच्च न्यायालय इलाहाबाद डॉक्टर मुरलीधर सिंह शास्त्री
दोनों समुदाय पत्रकार एवं अधिवक्ताओं द्वारा सभी देशों में आजादी की लड़ाई लड़ी गई है
तथा अपने-अपने देश को स्वतंत्र कराया गया
इस तरह हमारे देश में भी पत्रकार एवं अधिवक्ताओं द्वारा आजादी की लड़ाई लड़ी गई और देश को स्वतंत्र कराया गया पत्रकार और अधिवक्ता सजग हैं तो लोकतंत्र भारत में ही नहीं विश्व में जीवित है
अब आज हमारे सामने एक चुनौती है की पत्रकार एवं अधिवक्ताओं को पेंशन व्यवस्था नहीं जबकि हमारा संविधान
राज्यों को एवं केंद्र सरकार को कल्याणकारी राज घोषित करता है
सभी के लिए कल्याणकारी काम होते हैं
लेकिन पत्रकार और अधिवक्ताओं के लिए बहुत ही कम बहुत ही काम काम हुए हैं इसमें और काम की आवश्यकत हैं
हम इसलिए कह रहे हैं कि हम राजकीय सेवा में सेवा मे तो पत्रकारों को नजदीक से देखा है भारत सरकार के राज्य सरकार के सरकार के अधिकारी के पद सेवानिवृत हुए
हैं
तथा इलाहाबाद से शिक्षा दीक्षा हुई पत्रकारों एवं अधिकताओं के दर्द को मैं जानता हूं पत्रकारों के लिए जहां प्रेस काउंसिल आफ इंडिया है वही अधिवक्ताओं के लिए bar काउंसिल आफ इंडिया दोनों के सामने चुनौतियां हैं
हम विशेष कर अधिवक्ता साथियों से अनुरोध करते हैं कि हम लगभग 35 साल के राजकीय सेवा के बाद माननीय उच्च न्यायालय इलाहाबाद एवं लखनऊ पीठ में सक्रिय हुए हम चाहते हैं
कि जो नए अधिवक्ता हो और नए पत्रकार हो उनको शुरू के लिए 5 साल तक सरकार आर्थिक मदद टोकन मनी दें
तथा उनका 60 साल के बाद जो अधिवक्ता या पत्रकार सक्रिय नहीं है उनको आजीवन पेंशन स्कीम लागू करें
क्योंकि क्योंकि वकील बनने के लिए जहां तक कानून की डिग्री लेना है बर barकाउंसिल की परीक्षा पास करना है और पुलिस वेरिफिकेशन का भी सामना करना हमारे अधिवक्ताओं को मैं देखा हूं
नजदीक से की शुरू-शुरू में नौजवान अधिवक्ताओं के सामने एवं बुजुर्ग अधिवक्ताओं के सामने जीवन की चुनौती होती है
पत्रकारों को भी कोई समाचार पत्र उचित वेतन या पेंशन नहीं देता
उनको केवल टोकन मनी देता है तथा सरकार द्वारा जारी होने वाले विज्ञापनों के कमीशन पर जीवित रहने के लिए छोड़ देता है
इस अभियान को मैं चलाना चाहता हूं हमारी इस बात से बहुत लोग सहमत होंगे कुछ लोग नहीं भी सहमत होंगे
लेकिन हमको सरकार से पत्राचार करना चाहिए क्योंकि अधिवक्ता एक जहां तक न्यायालय में एक विधि अधिकारी भी होता है
वही पत्रकार एक समाज का आईना होता है और लोकतंत्र के चौथे स्तंभ को प्रतिनिधित्व करता है
आज हम इसलिए कह रहे हैं की नव वर्ष का माहौल समाप्ति की ओर है हमें आगामी सोमवार से एव 6 जनवरी 2025 से सभी न्यायालय खुल रहे हैं
हमें आगे की ओर देखना है साथ ही साथ हमें पीड़ितों के हितों को आम जनता के हितों को गरीबों के हितों को किसानों के हितों को आगे करना होगा माता के हितों को
तथा हम मांग करते हैं की बार काउंसिल के चुनाव में महिला अधिवक्ताओं के लिए 25% आरक्षण दिया जाए क्योंकि ऐसा होने से महिलाओं की आवाज की आएगी एवं उनका प्रतिनिधित्व होगा
क्योंकि हमारे महिला और प्रतिनिधियों को घरेलू कार्यों के साथ-साथ बाहरी कार्यों को भी चुनौती के साथ पेश करना होता है
मेरा उद्देश्य सुबह अधिवक्ता के रूप में पैसा कमाना नहीं बल्कि आम लोगों को संविधान के प्रति अपने समाज के प्रति राष्ट्र के प्रति जागरूक करना हमारी सरकार सभी अच्छी काम करती हैं लेकिन जो लोकतंत्र के विरोध करती हैं आम जनता के विरोध करती हैं उसके लिए हमें आवाज भी उठाना चाहिए
तथा सरकार को सलाह भी देना चाहिए
क्योंकि हम न्यायपालिका के समर्थन से आगे चलते हैं यदि हमारी न्यायपालिका नहीं रहेगी तो न देश रहेगा न संविधान रहेगा हम न्यायपालिका के सिपाही हैं और हमारे न्यायपालिका के अधिकारियों को भी संविधान के अधिकारों को के प्रति आम जनता के अधिकारों का प्रतीक लोक अदालतों के माध्यम से छोटी-छोटी सेमिनारों के माध्यम से जानकारी जानकारी देते हैं एवं और देना चाहिए
तथा अधिवक्ताओं को साथ भी खुलकर अपने सेवा का मुख्य सहयोगी मानते हुए खुलकर बात करनी चाहिए
अधिवक्ताओं पत्रकारों न्यायिक अधिकारियों को भी नव वर्ष की शुभकामना देता हूं वर्ष 2025
हम लोगों के लिए एक बेहतर हो तथा हमारा राष्ट्र भी एक बेहतर हो
जय हिंद जय भारत जय संविधानवाद जय न्यायवाद
आपका सहयोगी साथी डॉक्टर मुरलीधर सिंह शास्त्री अधिवक्ता / विधि अधिकारी अधिकारी मा उच्च न्यायालय इलाहाबाद एवं लखनऊ पीठ

