अवैध आरा मशीनों की फिरौती से वन क्षेत्राधिकारी हो रहे मालामाल
1 min readहर पाँच किलोमीटर पर अवैध आरा मशीन , जिम्मेदार देख रहे सपने हसीन , कप्तानगंज वन रेंज की पहचान बनी अवैध आरा मशीने
अवैध आरा मशीनों की फिरौती से वन क्षेत्राधिकारी हो रहे मालामाल
हरे पेड़ों को सूखा पेड़ दिखाकर धड़ल्ले से जारी हो रही कटान परमिट , उजड़ रही हरियाली
अकेले कप्तानगंज वन रेंज से विभाग को प्रतिमाह लग रहा कई लाख का चूना
बस्ती
जनपद के कप्तानगंज वन रेंज में हर पाँच किलोमीटर के दायरे में स्थापित अवैध आरा मशीने रेंज व वन विभाग के कर्मचारियों की पहचान बन चुकी है क्योंकि वन क्षेत्राधिकारी कप्तानगंज को जाँच में आल इज वेल ही दिखता है क्षेत्र में संचालित अवैध आरा मशीने व पेड़ो की कटान नजर ही नहीं आता है ।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार वन क्षेत्राधिकारी कप्तानगंज व उनके मातहत कर्मी पूरे दिन फिरौती - फिरौती का खेल खेलते रहते हैं जिसका परिणाम है कि रेंज में हरे पेंड़ो की कटान व अवैध आरा मशीनों के संचालन पर प्रभावी रोक नहीं लग पा रहा है । हरे पेंड़ो के अंधाधुन्ध कटान से जहाँ एक ओर पर्यावरण का खतरा बढ़ रहा है वहीं दूसरी ओर अवैध आरा मशीनों के संचालन से पर्यावरण का खतरा बढ़ने के साथ ही साथ राजकीय क्षति भी हो रही है । सरकार ने जहाँ हरे पेड़ो के कटान को पूरी तरह प्रतिबन्धित किया है तो वही कप्तानगंज रेंज में जिम्मेदारों ने पेड़ो की कटान करवाकर सरकार की मंशा को पलीता लगाने का मानों कसम खा लिया हो क्योंकि लगातार अखबारोंं की सुर्खियां बनने के बाद भी वन क्षेत्राधिकारी द्वारा न तो हरे पेड़ो के कटान पर रोक लगाने के सम्बन्ध में कोई प्रभावी कार्यवाही अमल में लायी गयी न ही अवैध आरा मशीनों के संचालन पर रोक ही लगाया गया । समय रहते यदि पर्यावरण बचाने के सम्बन्ध में जिम्मेदार नहींं चेते तो खामियाजा सब के सब भुकतेगें ।

