संतराम अग्रहरि उर्फ लल्लू हत्याकांड में करीब 46 दिन बाद भी नामजद आरोपी फरार दोस्तपुर पुलिस कर रही अनदेखी
1 min readसुलतानपुर

संतराम अग्रहरि उर्फ लल्लू हत्याकांड में करीब 46 दिन बाद भी नामजद आरोपी बीजेपी नेता अर्जुन पटेल व उसके भाई प्रदीप को दोस्तपुर पुलिस नहीं कर सकी गिरफ्तार। मिली जानकारी के मुताबिक मजिस्ट्रेट कोर्ट से दोनों आरोपियों के खिलाफ चल रहा है गिरफ्तारी वारंट। आरोप के मुताबिक आरोपियो के अनुचित प्रभाव में सेटिंग-गेटिंग के चलते उन्हें मिल रहा संरक्षण,नतीजतन अब तक वांछित सगे भाई नहीं पहुँचे सलाखों के पीछे
बीते आठ अक्टूबर की शाम अंडा व्यवसायी संतराम अग्रहरि को रंजिशन गोली मारकर वारदात को दिया गया था अंजाम । गोली लगने से व्यवसायी संतराम अग्रहरि की हो गई थी मौत। हत्याकांड में मृतक संतराम अग्रहरि के बेटे हिमांशु अग्रहरि ने राज वर्मा,प्रदीप वर्मा,सौरभ वर्मा व उनके अज्ञात साथियों पर घटना को अंजाम देने का लगाया है आरोप। अभियोगी ने आरोपी प्रदीप के भाई अर्जुन पटेल को घटना में बताया है साजिश का आरोपी
दोस्तपुर पुलिस अब तक हत्याकांड में नामजद राज वर्मा,सौरभ वर्मा एवं प्रकाश में आये अभियुक्त शिवम वर्मा,आलोक कुमार, सैफुल्लाह, मो.शहबान,फिरोज अहमद,वारिश व राजेश अग्रहरि को भेज सकी जेल। जिनके जेल जाने के महज कुछ दिन बाद ही बीते 18 नवम्बर को हत्यारोपी राजेश अग्रहरि व बीते 21 नवम्बर को आरोपी वारिश को जमानत जिला एवं सत्र न्यायाधीश लक्ष्मीकांत शुक्ल की अदालत से मिल चुकी है जमानत। पुलिस की सतही तफ्तीश व अभियोजन की लचर पैरवी मानी जा रही आरोपियो को जल्द राहत मिलने की वजह।आरोपियो को लाभ दिलाने की मंशा से विवेचना में कमजोर लिखा-पढ़ी करने व वादी पक्ष की कमजोरी का नाजायज फायदा उठाकर मनमानी तफ्तीश करने की बात आ रही सामने। गजब का है दोस्तपुर पुलिस का कारनामा और अभियोजन पक्ष की सक्रिय पैरवी के लिए बैठाए गये जिम्मेदारो का हाल
हत्याकांड के पहले भी दोनों पक्षो से जुड़े लोगों के बीच हुआ था विवाद। बीते 24 जुलाई को दोनों पक्षों में मारपीट की बात आई थी सामने। फिलहाल उस घटना के सम्बंध में अर्पित वर्मा की तहरीर पर संतराम अग्रहरि व उनके बेटे सचिन समेत अन्य के खिलाफ दोस्तपुर थाने में मारपीट की एफआईआर दर्ज होने की बात आई सामने। वहीं बीते सात अगस्त को सचिन अग्रहरि को मारने-पीटने की घटना के सम्बंध में वादी संतराम अग्रहरि की तहरीर पर आरोपी राज वर्मा व अन्य के खिलाफ मोतिगरपुर थाने में एफआईआर दर्ज होने की बात आई है सामने। आरोपियो के अनुचित प्रभाव में इन मामलों में भी सही कार्यवाही न करने का पुलिस पर लगा था आरोप। इन्हीं मामलों की लापरवाही के चलते तत्कालीन थाना प्रभारी तरुण पटेल से चार्ज छीनने की बात आई थी सामने। काफी चर्चा में है संतराम हत्याकांड का मामला। पद पर बैठे माननीयो ने भी मृतक संतराम अग्रहरि के परिजनों को न्याय दिलाने व आरोपियो पर कड़ी कार्यवाही कराने का दिया था भरोसा,पर मास्टरमाइंड के प्रति नतीजा दिख रहा ढाक के तीन पात
सूत्रों के मुताबिक नामजद आरोपी अर्जुन पटेल व उसके भाई प्रदीप की घटना में संलिप्तता होने सम्बन्धी पुलिस ने जुटाए है साक्ष्य और इसी आधार पर कोर्ट से मिला है दोनों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट। थाना प्रभारी पंडित त्रिपाठी के मुताबिक अभी चल रहा गिरफ्तारी का प्रयास,निर्धारित अवधि बीत जाने के उपरांत शुरू की जाएगी कुर्की की कार्रवाई। फिलहाल पुलिस के इस औपचारिकता पूर्ण कार्यवाही से हत्यारोपी भाइयों को बेफिक्र होकर अपनी पैरवी करने का मिल रहा भरपूर अवसर। अन्य आरोपियो की अपेक्षा आरोपी अर्जुन पटेल व उसके भाई प्रदीप के प्रति नरमी बरतने का बताया जा रहा मामला। अपराध में शामिल होकर पार्टी की छवि बिगाड़ने वाले व अनुचित संरक्षण लेने वाले अर्जुन पटेल के प्रति पार्टी के शीर्ष नेता ले सकते है संज्ञान,जल्द ही दोनों भाइयों पर कस सकता है शिकंजा
