गौशाला है तो सडक़ों पर गौवंशो का कब्जा क्यों, गांव के सभी मोहल्लों में गौवंशो का जमवाड़ा -रात में किसानों की फसल करते हैं सफाचट
1 min readग्राम पंचायत महुआ मे गौशाला है तो सडक़ों पर गौवंशो का कब्जा क्यों, गांव के सभी मोहल्लों में गौवंशो का जमवाड़ा -रात में किसानों की फसल करते हैं सफाचट
महुआ बांदा
ग्राम पंचायत महुआ मे गौशाला है तो सडक़ों पर गौवंशो का कब्जा क्यों ? गांव के सभी मोहल्लों में गौवंशों का जमावड़ा-रात में किसानों की फसल करते हैं सफाचट–गौशालाओं मे दिखाया जाता है ,पंजीयन अधिक, मौके पर गौशालाओं मे गौवंश नाममात्र के लिए मौजूद. राजनैतिक प्रभाव के चलते पहले चल जाता हैं पता ,निरीक्षण दौरान दिखाने के लिए गौशाला में भर लिए जाते हैं गौवंश।निरीक्षण के बाद गौवंश को गौशालाओं से निकाल दिया जाता है ।गौशालाओं से होने वाली कमाई का होता है बंदरबाट । सूत्रों के आधार पर चर्चा है कि गांव के एक रसूखदार राजनैतिक व्यक्ति को दिया जाता है पच्चीस हजार रुपये प्रति माह गौशाला से होने वाली आय से कमीशन।कई माह तक गौशालाओं मे गौवंश का रहता है अभाव।

