मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना घोटाला,एडीओ समाज कल्याण व बल्दीराय ब्लॉक के लिपिक पर एफआईआर
1 min readएकाउंटेंट व समाज कल्याण अधिकारी को बचाने का प्रयास जारी
बल्दीराय,सुल्तानपुर

जनपद के बल्दीराय ब्लॉक का मामला मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में हुए घोटाले में आरोपी निलंबित एडीओ समाज कल्याण व बल्दीराय ब्लॉक के वरिष्ठ लिपिक के विरुद्ध गंभीर धाराओ में एफआईआर बल्दीराय थाने पर दर्ज हुई है। लेकिन इस कार्रवाई में भी प्रशासनिक अधिकारियों ने खेल करा ही दिया, उस कर्मचारी से तहरीर दिलाकर केस दर्ज कराया गया जो घोटाले में प्रत्यक्ष अप्रत्यक्ष रूप से लिप्त है। दरअस्ल मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत बीते वर्ष जुलाई में बल्दीराय ब्लॉक के महुली व भखरी गांव की 34 महिलाओ की शादियां 11-12 जुलाई को बल्दीराय व कुड़वार ब्लॉक में हुई थी। इन शादियो में सूची में 34 में से दस महिलाए ऐसी थी जिनकी न सिर्फ आयु अधिक थी बल्कि उनमें एक, दो व तीन तीन बच्चों की माएं शामिल थी जिन्हे दुल्हन के जोड़े में शादी के मंडप में बैठा दिया गया था। खबर प्रकाशित हुई तो शासन-प्रशासन के पैर तले जमीन खिसक गई। तत्काल पहले महुली के सेक्रेटरी फिर एडीओ समाज कल्याण को सस्पेंड कर तीन सदस्यों वाली जांच टीम नियुक्त की गई।जांच टीम ने गांव में जाकर डोर टू डोर सत्यापन शुरू किया। जांच में यह तथ्य सामने आया कि महुली गांव की महिला दलाल कंचन जिसकी पकड़ समाज कल्याण अधिकारी अमित सिंह से सीधे थी उसके जरिए शादी शुदा महिलाओ को लाकर शादी की गई है। उक्त महिला से एडीओ समाज कल्याण अभिषेक गिरि व बल्दीराय ब्लॉक के वरिष्ठ लिपिक संदीप मिश्रा के घनिष्ठ संबंध थे। इसी को आधार मानकर आज इन तीनों पर विधिक कार्रवाई कराई गई। हैरत की बात ये है कि समाज कल्याण विभाग के जिस एकाउंटेंट अजय चौरसिया की तहरीर पर केस दर्ज कराया गया उसने ही अपात्र महिलाओ का बजट लिखा पढ़ी में बनाया था। जिले के प्रशासनिक अधिकारियो ने न सिर्फ समाज कल्याण के एकाउंटेंट बल्कि समाज कल्याण अधिकारी अमित सिंह को अब तक बचाने की पूरी स्क्रिप्ट लिखी है। हालांकि इनकी देख रेख व रिपोर्ट के बाद ही बजट स्वीकृति किया गया है।
रिपोर्टर अखिलेश सिंह
