कश्मीर प्रांत के श्रीनगर में तैनात केन्द्रीय रिजर्व पुलिस के जवान शैलेन्द्र कुमार द्विवेदी का पैतृक गांव पहुंचा शव
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मिल्कीपुर, अयोध्या।
कश्मीर प्रांत के श्रीनगर में तैनात केन्द्रीय रिजर्व पुलिस के जवान शैलेन्द्र कुमार द्विवेदी का शव शुक्रवार की सुबह मिल्कीपुर तहसील के थाना इनायत नगर क्षेत्र के ग्राम बसवार खुर्द पहुंचा। जहां गार्ड ऑफ ऑनर के बाद उन्हें अंतिम सलामी दी गई। बसवार खुर्द निवासी उनके पिता अवधेश कुमार द्विवेदी ने उन्हें मुखाग्नि दी। इस मौके पर पूर्व विधायक गोरखनाथ बाबा सहित क्षेत्र के गणमान्य लोग एवं इनायत नगर इंस्पेक्टर अभिमन्यु शुक्ला के अलावा सीआरपीएफ के अधिकारी/जवान तथा सैकड़ों स्त्री पुरुष एवं बच्चे मौजूद रहे।
बताते हैं कि बसवार खुर्द निवासी अवधेश कुमार द्विवेदी के बड़े पुत्र सीआरपीएफ जवान शैलेन्द्र कुमार द्विवेदी (40) का निधन हो गया। शैलेन्द्र द्विवेदी कश्मीर के श्रीनगर में 28 बटालियन सीआरपीएफ में तैनात थे। बृहस्पतिवार की सुबह श्रीनगर के मेडिकल कॉलेज में उनका इलाज के दौरान असामायिक निधन हो गया। बसवार खुर्द निवासी अवधेश कुमार द्विवेदी के पुत्र के अचानक निधन की खबर सुनकर लोगों में शोक की लहर दौड़ गई। बसवार खुर्द पूरे दूबे (कटहर दुबे) में उनके पैतृक आवास पर शोक संवेदना व्यक्त करने वालों का तांता लगा रहा। मृतक सीआरपीएफ जवान के पिता अवधेश कुमार द्विवेदी ने बताया कि वह वर्तमान में कश्मीर के श्रीनगर में तैनात थे। बृहस्पतिवार को अचानक उनका ब्लड प्रेशर बढ़ गया। आनन-फानन में उन्हें कश्मीर के श्रीनगर मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। जहां इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। श्रीनगर में विभागीय अधिकारियों के द्वारा लिखा-पढ़ी के बाद श्रीनगर हेड क्वार्टर पर उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। उसके बाद उनके शव को शुक्रवार को राजकीय सम्मान के साथ हवाई जहाज से लखनऊ लाया गया। वहां से उनके पैतृक आवास बसवार खुर्द पर शव पहुंचा। बताया कि श्रीनगर में ही सीआरपीएफ जवान शैलेन्द्र कुमार द्विवेदी के साथ उनकी पत्नी सुशीला देवी, बेटी वैष्णवी (15) तथा बेटा कान्हा (12) रहते थे। पैतृक गांव में ही शव का अंतिम संस्कार किया गया।
बताते चलें कि शैलेन्द्र द्विवेदी तीन भाई हैं। छोटे भाई अरुण द्विवेदी आर्मी में हैं तथा सबसे छोटे भाई आशीष द्विवेदी इंजीनियर हैं। इनके चाचा दिनेश द्विवेदी भी सीआरपीएफ में तैनात हैं। सीआरपीएफ जवान का पार्थिव शरीर जब बसवार खुर्द गांव पहुंचा तो चारों तरफ हाहाकार मच गया। सीआरपीएफ का शव वाहन देखते ही पिता अवधेश कुमार द्विवेदी, चाचा देवकुमार द्विवेदी, चचेरे भाई जय शंकर द्विवेदी, राजीव कृष्ण सहित परिवार व गांव जेंवार के स्त्री, पुरुष सभी रोते-बिलखते हुए सीआरपीएफ जवान के शव की तरफ दौड़ पड़े। लोगों का रो-रो कर बुरा हाल है। गांव में ही गार्ड ऑफ ऑनर के बाद जवान के पार्थिव शरीर की अंत्येष्टि की गई।
राकेश कुमार मिश्रा मंडल ब्यूरो

