कुख्यात शिक्षा व भू माफिया अवधेश शुक्ला व उनके परिजनों तथा उनके कॉलेजों के सभी बैनामों की जांच शुरू
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अमानीगंज अयोध्या
कुख्यात शिक्षा व भू माफिया अवधेश शुक्ला उनके परिजनों तथा उनके कॉलेजों के सभी बैनामों की जांच शुरू।
शासन के आदेश पर दो राजपत्रित अधिकारी करेंगे जांच।
इलाहाबाद हाई कोर्ट के अधिवक्ता तथा भारत सरकार के पूर्व सी.जी.सी. पवन पांडे की शिकायत पर उत्तर प्रदेश सरकार के निबंधन विभाग ने जनपद अयोध्या के अमावासूफी निवासी अवधेश कुमार शुक्ला उनके परिवार के सदस्यों तथा उनके द्वारा संचालित सभी कॉलेजों के नाम क्रय की गई जमीनो में की गई हेराफेरी तथा स्टांप चोरी की जांच प्रारंभं हो गई है। इस संदर्भ में निबंधन विभाग के आयुक्त द्वारा जांच कराए जाने संबंधी आदेश के अयोध्या जनपद पहुंचते ही निबंधन विभाग में खलबली मच गई है पहले तो मिल्कीपुर तहसील के उप रजिस्ट्रार ने पत्र को न केवल दबा कर रखा बल्कि काफी समय तक शिकायती पत्र के संबंध में जारी आदेश की उपेक्षा करते रहे लेकिन विलंब को देखते हुए जब डीआईजी निबंधन द्वारा अनुस्मारक भेजा गया तो मिल्कीपुर तथा रुदौली तहसील के उप रजिस्ट्रार गण सक्रिय हो गए। विभागीय सूत्रों का कहना है कि अवधेश शुक्ला द्वारा जितने भी बैनामें करवाए गए हैं उन सब की जानकारी एकत्रित की जा रही है ताकि उत्तर प्रदेश सरकार की मंशा के अनुरूप वृहद पैमाने पर जांच की जा सके। वहीं शिकायतकर्ता पूर्व सीजीसी पवन पांडे ने घोषणा की है कि जब तक भू माफिया द्वारा अवैध तरीके से तथ्य छिपा कर करवाए गए बैनामों में की गई स्टांप चोरी की जांचकर संमुचित कार्यवाही नहीं की जाती तथा अवधेश शुक्ला एंड कंपनी द्वारा गैर कानूनी तरीके से करवाए गए सभी बैनामें रद्द नहीं किए जाते उनके तथा उनके गैंग द्वारा अर्जित कई करोड़ रुपए की अवैध संपत्ति जब्त नहीं की जाती उनका अभियान जारी रहेगा ।बताते चलें कि यह वही पवन पांडे हैं जिन्होंने 25 दिसंबर 2019 को श्री राम जानकी डिग्री कॉलेज रामनगर अमावा सुफी द्वारा बिना परीक्षा में शामिल हुए सैकड़ो छात्रों को एमएससी जीव विज्ञान वनस्पति विज्ञान गणित रसायन विज्ञान व भौतिक विज्ञान में प्रथम श्रेणी उत्तीर्ण करवाने के
महा फर्जीवाड़े का खुलासा किया था जिसकी जांच हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज न्यायमूर्ति इम्तियाज मुर्तजा द्वारा की जा रही है।
सुर्य प्रकाश सिंह

