बस्ती जनपद में विभिन्न पुरस्कारों से सम्मानित -बाबू प्रसाद सहायक अध्यापक -जनपद बाँदा- क्षेत्र महुआ के-प्राथमिक विद्यालय रामबक्श का पुरवा -अब अपने इस विद्यालय का जिले स्तर पर करेंगे नाम रोशन-#
1 min readमहुआ-26-मार्च
दीपक जैसा बनो कहना सरल है. दीपक जैसा बनना कठिन-शिक्षक के पद का महत्व समझने व प्रदर्शित करने के लिए त्याग और अध्ययन रूपी तपस्या की जरूरत–बाबू प्रसाद
पूर्व कार्यक्षेत्र जनपद बस्ती में ,शिक्षाके क्षेत्र मे जलाई अलख,विभिन्न पुरस्कारों से हुए सम्मानित–बाबू प्रसाद
अपने गृह जनपद बाँदा के महुआ क्षेत्रान्तर्गत स्थिति प्राथमिक विद्यालय रामबक्श का पुरवा मे ,जब से सहायक अध्यापक का दायित्व सम्हाला. अभिभावकों ने दिया सम्मान. विद्यालय में बढी छात्र उपस्थिति–बाबू प्रसाद
कर्म पर भरोसा होना चाहिये. शिकायत शिकवा की तरफ नहीं. इसलिए हम विद्यालय की टुटही कुर्सी व टुटही आलमारी की चर्चा नहीं कर रहे क्योंकि हो सकता है कंपोजिट ग्रांट पहले कभी न मिली हो–बाबू प्रसाद
पूर्व जनपद बस्ती, प्रा ०वि० निन्दौरमाफी शिक्षा क्षेत्र परशुरामपुर में खण्ड शिक्षा अधिकारी, खण्ड विकास अधिकारी,डायट मेंटर सर व डायट प्राचार्य द्वारा सम्मानित किया गया। जिले में शैक्षिक नवाचार एवं टी एल एम में चतुर्थ स्थान प्राप्त किया तथा चतुर्थ जनपद स्तरीय कला, क्राफ्ट एवं पपेट्री प्रतियोगिता गणित में प्रथम स्थान हासिल किया। स्थानांतरण होने पर मैं प्रदेश स्तरीय प्रतियोगिता में सम्मिलित न हो सका इसका मुझे बहुत ही अफ़सोस हुआ–बाबू प्रसाद
पढाने मे हमारे शिक्षा मित्र का भी योगदान किसी से कम नहीं अन्यथा इस विद्यालय में अब तक ताला लग जाता –बाबू प्रसाद
विद्यालय की पूर्व की स्थिति और वर्तमान की स्थिति गाँव वालों से पूँछा जाए ,शिक्षकों का मनोबल बढ़ाने के लिए हकीकत समझना जरूरी–बाबू प्रसाद









