40 हॉस्पिटल, नक्शे पास न दमकल की एनओसी मंडलस्तरीय हॉस्पिटल में आग से निपटने के इंतजाम पूरे, जिला महिला और पुरुष अस्पताल सहित किसी प्राइवेट अस्पताल में आग से निपटने के इंतजाम नहीं नोटिस जारी
1 min readआग लगी तो मरीज और तीमारदारों के जान बचाने पड़ जाएंगे लाले जिम्मेदार बेखबर
बांदा,

पीजीआई में आग से दो मासूम और एक महिला की मौत हो गई। इस घटना के बाद जनपद में चल रहे प्राइवेट और सरकारी हॉस्पिटलों में आगजनी से निपटने के इंतजाम की जानकारी ली गई तो सामने आया कि मंडल चिकित्सालय और मेडिकल कॉलेज को छोड़कर किसी भी हॉस्पिटल के पास दमकल नोड्यूज नहीं है। शहर में चल रहे तीन प्राइवेट हॉस्पिटल को छोड़कर किसी का भी नक्शा बीडीए से स्वीकृत नहीं है।
जनपद में ग्रामीण और शहरी क्षेत्र में करीब 40 पंजीकृत हॉस्पिटल हैं। इनमें इक्का-दुक्का को छोड़ दे तो किसी में भी फायर सेफ्टी के इंतजाम नहीं हैं। हॉस्पिटल संचालक अपने स्तर पर फार्मेल्टी पूरी करने के लिए कुछ इक्विपमेंट लगवाए हुए हैं। अस्पतालों के पास फायर सेफ्टी का फायर एंड इमरजेंसी विभाग से लिया नो आब्जेक्शन सर्टिफिकेट तक नहीं है। न ही हॉस्पिटल का नक्शा बीडीए से स्वीकृत है। ऐसे में अस्पतालों में दाखिल मरीज असुरक्षित हैं। कई निजी हॉस्पिटल में स्थिति ऐसी है कि आगजनी जैसी घटनाएं होने पर निकासी के लिए आपात गेट तक नहीं है, न ही आपात अलार्म की सुविधा है। ज्यादातर हॉस्पिटल सेफ्टी मानकों को दरकिनार कर गली मोहल्लों में चल रहे हैं। प्रशासन या फिर अग्निशमन विभाग वहां झांकने तक की कोशिश नहीं करता है।
40 हॉस्पिटल, नक्शे पास न दमकल की एनओसी
मंडलस्तरीय हॉस्पिटल में आग से निपटने के इंतजाम पूरे हैं। जिला महिला और पुरुष अस्पताल सहित किसी प्राइवेट अस्पताल में आग से निपटने के इंतजाम नहीं हैं। नोटिस दी गई है।
- मुकेश कुमार, सीएफओ
प्राइवेट ही नहीं, सरकारी में भी इंतजाम नहीं
प्राइवेट ही नहीं, सरकारी हॉस्पिटल में भी आगजनी से निपटने के इंतजाम नहीं हैं। जिला महिला और पुरुष अस्पताल में रोजाना डेढ़ हजार मरीजों की ओपीडी होती है। महिला में प्रसूताएं और नवजात बच्चे भर्ती रहते हैं। दोनों सरकारी हॉस्पिटल में भी आगजनी से निबटने के इंतजाम नहीं हैं।
हादसा होने पर नहीं पहुंच पाती दमकल
गली-कूचों में खुले निजी अस्पताल सुरक्षा मानकों का ख्याल नहीं रखते है। हादसा होता है तो मौके पर फायर ब्रिगेड पहुंचने तक का रास्ता नहीं है। ऐसे में प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग भी लापरवाह बना है। हादसा होने पर ही प्रशासन अगला कदम उठाता है।
ये होने चाहिए प्रबंध
● अस्पताल बिल्डिग में आटोमेटिक फायर डिटेक्शन और अलार्म सिस्टम होना चाहिए
● धुआं उठते ही फायर कंट्रोल रूम में अलार्म बजना चाहिए
● आटोमेटिक ्िप्ररंग कल सिस्टम भी होना चाहिए
● फायर सेपरेशन सिस्टम में बिल्डिग की दीवारें जुड़ी ना हो
● आग बुझाने की जगह होनी चाहिए
● फायर डोर, फायर लिफ्ट और फायर एग्जिट होने के साथ ही इनके संकेत होना भी जरूरी है
● अस्पताल में गलियारों की चौड़ाई डेढ़ से 2 मीटर होना चाहिए
जांच-पड़ताल कराई जाएगी। शहरी क्षेत्र में जिन हॉस्पिटल के बीडीए से नक्शे नहीं पास होंगे। दमकल का नोड्यूज नहीं होगा। उन हॉस्पिटल के खिलाफ कठोर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। – विजय शंकर तिवारी, सिटी मजिस्ट्रेट
जनपद में करीब 40 प्राइवेट हॉस्पिटल हैं। दमकल की एनओसी नहीं है। नक्शा पास है या नहीं। दमकल की एनओसी के लिए जटिल नियम और शर्तें हैं। हॉस्पिटल के पूरा नहीं कर पाते हैं।
-डॉ. एके श्रीवास्तव, सीएमओ
