February 12, 2026

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अपनी कुर्सी बचाने को तीन माह में निस्तारित किये गए तीन हजार मुकदमें,वादकारी लगा रहे तहसील के चक्कर, अधिवक्ताओं की बल्ले बल्ले,अब शासन ने लिया संज्ञान तो अधिकारियों में हड़कंप

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“वादकारियों का हित सर्वोपरि” के स्लोगन को दिखाया गया ठेंगा,वादी को बिना सुने अपनी कुर्सी बचाने को तीन माह में निस्तारित किये गए तीन हजार मुकदमें,वादकारी लगा रहे तहसील के चक्कर, अधिवक्ताओं की बल्ले बल्ले,अब शासन ने लिया संज्ञान तो अधिकारियों में हड़कंप

सुल्तानपुर

शासन के दबाव में अपनी कुर्सी बचाने के चक्कर मे तहसील बल्दीराय में एसडीएम, तहसीलदार व नायब तहसीलदार की अदालतों में बीते तीन माह में तीन हजार मुकदमे निस्तारित कर दिए गए।इसमे वादकारियों के हित की अनदेखी की गई। गुणदोष के आधार पर सुनवाई न करके बिना उभय पक्षों को सुने एक पक्षीय खारिज कर दिए गए।अब वादकारी परेशान होकर तहसील के चक्कर लगा रहे हैं।वहीं पुनर्स्थापन(वाजदायर)प्रार्थना पत्र के नाम पर अधिवक्ताओं की बन आई है। मुख्यमंत्री ने सितंबर माह में समीक्षा बैठक में प्रदेश में लंबे समय से चल रहे राजस्व न्यायालयों में भूमि संबंधी मुकदमों के निस्तारण में तेजी लाने के लिए सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए थे।इसी क्रम में 17 सितंबर से 30 नवम्बर तक विशेष अभियान चलाया गया था व उसी बीच समीक्षा बैठक में धीमी प्रगति पर कई एसडीएम निशाने पर आ गए थे।इसी अभियान में कुर्सी बचाने के चक्कर मे मुकदमों के निस्तारण की होड़ लग गई। बल्दीराय तहसील में एसडीएम न्यायालय पर सितंबर में 73,अक्टूबर में 418 व नवम्बर में 613,तहसीलदार कोर्ट पर सितंबर में 214,अक्टूबर में 533 व नवम्बर में 571,नायब तहसीलदार कोर्ट पर सितंबर में 94,अक्टूबर में 342,नवम्बर में 118 मुकदमे व सभी कोर्ट मिलाकर कुल 2976 मुकदमे तीन माह में निर्णीत कर दिए गए।होना तो ये था कि वादकारियों के हित को ध्यान में रखते हुए दोनों पक्षों को सुनकर गुण दोष के आधार पर निस्तारण हो लेकिन ऐसा न करके आधे से ज्यादा मुकदमें बिना दोनो पक्षों को सुने एक पक्षीय खारिज कर दिए गए।तहसील के अधिवक्ताओं को इन्ही न्यायालयों पर अधिकारियों से काम भी लेना रहता है इसलिए यह सब उनकी भी जानकारी में हुआ है।उधर अब जानकारी होने पर वादकारी तहसील के चक्कर लगा रहे हैं और अधिवक्तागण की वाजदायर प्रार्थना पत्र के नाम पर आमदनी बढ़ गई है।फिलहाल अभी भी एसडीएम कोर्ट पर 650,तहसीलदार के यहां 350 व नायब तहसीलदार के यहां 162 केस मिलाकर तहसील में कुल 1162 केस विचाराधीन हैं।शासन ने इस तरह आननफानन में बिना पक्षकारों को सुने मुकदमों के निस्तारण को संज्ञान में लिया है व इसकी समीक्षा करवाई जा रही है जिससे अधिकारियों में खलबली मची हुई है।

रिपोर्टर -अखिलेश सिंह

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