February 13, 2026

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अधिकारियों का आदेश कर्नलगंज पुलिस के सामने साबित हुआ बौना

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अधिकारियों का आदेश कर्नलगंज पुलिस के सामने साबित हुआ बौना।

एसडीएम और गोंडा पुलिस ने भूमि के सीमांकन और जांच के संबंध में दिया था निर्देश।

अभी तक भी नहीं हुआ खेत का सीमांकन और पीड़ित को ही झेलना पड़ा मुकदमा।

कर्नलगंज, गोण्डा।

उपजिलाधिकारी और गोंडा पुलिस द्वारा भूमि के सीमांकन और जांच के संबंध में दिया गया निर्देश भी कर्नलगंज पुलिस के सामने बौना साबित हुआ और पीड़ित पक्ष को थाने लाकर बिना पैमाईश के विपक्षी को खेत में लगा गन्ना पुलिस फोर्स की मौजूदगी में उठवा दिया गया। पीड़ित के मुताबिक अभी तक खेत का सीमांकन नहीं हुआ और कोतवाली पुलिस ने विपक्षी को गन्ना भी लदवा दिया यही नहीं उल्टे पीड़ित पक्ष को फर्जी मुकदमा भी झेलना पड़ा।
मामला कोतवाली क्षेत्र के ग्राम सभा मुंडेरवा से जुड़ा है। यहाँ गन्ने की फसल को लेकर काफी दिनों से विवाद चल रहा था। उसी खेत के गन्ने को विपक्षी द्वारा काट लिया गया,जिसके संबंध में पीड़ित पक्ष ने 25 नवंबर को कर्नलगंज थाने में एक तहरीर दी थी,जिसकी सुनवाई कोतवाल द्वारा 8 दिसंबर तक नही की गई। विपक्षी द्वारा 9 दिसंबर को थाना दिवस में एक तहरीर दी गई जिसमे दोनों पक्षों को थाने में बुलाया गया और पीड़ित पक्ष को थाने में ही बैठा लिया गया जिसे देर शाम को छोड़ दिया गया।उसके बाद पीड़ित पक्ष ने उसी दिन खेत और एक चकमार्ग का पैमाईश करवाने के लिए उपजिलाधिकारी कर्नलगंज से आदेश करवाकर थाने पर फोर्स की मांग की थी जिसकी पैमाईश फोर्स के साथ 12/12/2023 को कराई गई जिसमे पीड़ित पक्ष का खेत कम था लेकिन विपक्षी पेशकार सिंह ने अपने खेत में नापी करवाने से मना कर दिया तब भी दोनों पक्षों को पुलिस द्वारा थाने पर ले जाकर कोतवाल कर्नलगंज ने अपने शब्दों द्वारा प्रताड़ित करते हुए सुलह करवाने का दबाव बनाकर जबरन सुलह लगवा लिया। थाने से निकलने के बाद पीड़ित पक्ष ने ट्विटर के माध्यम से जबरन सुलह लगवाने का जिक्र करते हुए उच्चधिकारियों को अवगत कराया।जिसमे गोंडा पुलिस द्वारा भी दूसरे दिन सीमांकन करवाने का रिप्लाई मिला लेकिन ये गोंडा पुलिस की रिप्लाई कर्नलगंज कोतवाल हेमंत कुमार गौड़ के आगे बौना साबित हुआ। उन्होंने बुधवार को डायल 112 से पहले पीड़ित के भाई को उसके बाद फोर्स भेजकर पीड़ित के भतीजों को खेत से गाड़ी में बैठाकर कोतवाली ले आया गया। पुलिस गाड़ी में हल्का दरोगा मिर्जा वहीद बेग,हल्का सिपाही अरविंद राणा सहित कई सिपाही मौजूद रहे।कोतवाली पुलिस द्वारा बिना पैमाईश के खेत से विपक्षी को गन्ना लगवाने के बाद भी पीड़ित के भतीजों को थाने पर ले जाकर देर शाम तक बैठाया गया। यही नहीं पीड़ित का भाई राम कुमार सिंह जो घर पर नही था और पूरा दिन पुलिस अधीक्षक कार्यालय पर रहा उसका भी नाम मुकदमे में शामिल करके देर शाम धारा 151 में चालान कर दिया गया। इससे कोतवाल हेमंत कुमार गौड़, हल्का दरोगा मिर्जा वहीद बेग व सिपाही अरविंद राणा समेत अन्य पुलिस कर्मियों की तानाशाहीपूर्ण निरंकुश कार्यशैली और पीड़ित पक्ष के उत्पीड़न से लोगों में काफी आक्रोश है और पीड़ित पक्ष ने उच्चाधिकारियों को कोतवाली पुलिस के पूरे कारनामों से अवगत कराते हुए संपूर्ण प्रकरण की निष्पक्ष जाँच कराकर दोषी पुलिस कर्मियों व अन्य के विरुद्ध वैधानिक कार्यवाही करने और न्याय दिलाने की मांग की है।

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