सीपीआई हंसिया-बाली ने बांदा-महोबा में जनसंपर्क अभियान तेज करने की कसी कमर
1 min readसीपीआई हंसिया-बाली ने बांदा-महोबा में जनसंपर्क अभियान तेज करने की कसी कमर
संभावित विधानसभा उम्मीदवारों के साथ कामरेडों ने संभाली जिम्मेदारी, जन-जन तक पहुंचेगा किसान-मजदूरों के अधिकारों का पैगाम
– हम नेता नहीं, हम माली हैं।**
बांदा। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई), हंसिया-बाली ने आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों एवं संगठन के विस्तार को लेकर बांदा और महोबा में जनसंपर्क अभियान तेज करने की रणनीति बनाई है। पार्टी के कामरेडों ने एकजुट होकर गांव-गांव और घर-घर तक पार्टी की विचारधारा एवं किसान-मजदूरों के अधिकारों का संदेश पहुंचाने की कमर कस ली है।
इस अभियान के तहत महोबा विधानसभा क्षेत्र से कामरेड अरुण कुमार मिश्रा तथा बांदा विधानसभा क्षेत्र से ऑक्सीजन बाबा कामरेड रामकृष्ण अवस्थी संभावित उम्मीदवार के रूप में अपनी दावेदारी के साथ जनसंपर्क अभियान को आगे बढ़ा रहे हैं। इनकी उम्मीदवारी पर अंतिम निर्णय पार्टी नेतृत्व द्वारा लिया जाएगा।
अभियान में कामरेड कृष्ण गोपाल त्रिवेदी, कामरेड श्यामसुंदर राजपूत, कामरेड विनायक कुमार त्रिवेदी, कामरेड जयनारायण द्विवेदी, कामरेड जलज अवस्थी एवं कामरेड धीरेन्द्र कुमार द्विवेदी सहित अन्य पार्टी साथी सक्रिय भूमिका निभाएंगे।
ऑक्सीजन बाबा कामरेड रामकृष्ण अवस्थी ने सभी कामरेड साथियों से आह्वान किया कि वे इस अभियान को केवल किसी एक व्यक्ति का चुनाव न समझें, बल्कि अपनी सामूहिक जिम्मेदारी मानकर पूरी लगन और निष्ठा से जनता के बीच जाएं। प्रत्येक कामरेड यह संकल्प लेकर कार्य करे कि जैसे वह स्वयं चुनाव लड़ रहा हो, उसी उत्साह और जिम्मेदारी से पार्टी का संदेश जन-जन तक पहुंचाए।
उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य किसी राजनीतिक दल का विरोध करना अथवा किसी व्यक्ति के प्रति द्वेष भावना रखना नहीं है। हम सभी दलों और सभी व्यक्तियों का सम्मान करते हैं। हमारी प्राथमिकता किसान, मजदूर, युवा और बेरोजगार भाइयों के हक एवं अधिकारों की आवाज उठाना है। हम किसी दल के खिलाफ नहीं, बल्कि जनहित के मुद्दों को लेकर लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात जनता के सामने रखने के लिए मैदान में उतर रहे हैं।
उन्होंने अपने अभियान का मूल मंत्र बताते हुए कहा—
“हम नेता नहीं, हम माली हैं। हमें सत्ता की नहीं, समाज की बगिया को संवारने की चिंता है। हमारा उद्देश्य किसान, मजदूर, युवा और बेरोजगारों के अधिकारों को सम्मान दिलाने के लिए सामूहिक प्रयास करना है।”
कामरेडों ने संगठन की मजबूती, आपसी एकता और जनसंपर्क को प्राथमिकता देते हुए पार्टी के संदेश को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने का संकल्प व्यक्त किया।
आइए, व्यक्तिगत विरोध से ऊपर उठकर जनहित, सम्मान और अधिकारों की बात करें।
सीपीआई जिंदाबाद! किसान-मजदूर एकता जिंदाबाद! हंसिया-बाली जिंदाबाद!

