September 14, 2026

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राष्ट्रीय रॉकबॉल में बाँदा का परचम, रजत से चमका बुंदेलखंड

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राष्ट्रीय रॉकबॉल में बाँदा का परचम, रजत से चमका बुंदेलखंड

BPMA के सात खिलाड़ियों से सजी यूपी टीम बनी राष्ट्रीय उपविजेता, अंतरराष्ट्रीय रेफरी बने हामिद खान का भी हुआ सम्मान

बाँदा।

मैदान छोटा था, लेकिन हौसले आसमान से भी ऊंचे। मेहनत, जुनून और जज्बे के दम पर बाँदा के खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय रॉकबॉल चैंपियनशिप में ऐसा दम दिखाया कि पूरे बुंदेलखंड का सिर गर्व से ऊंचा हो गया। तेलंगाना के मेडक में 6 से 8 सितंबर तक आयोजित 10वीं सीनियर राष्ट्रीय रॉकबॉल चैंपियनशिप में उत्तर प्रदेश पुरुष टीम ने रजत पदक हासिल कर राष्ट्रीय उपविजेता बनने का गौरव हासिल किया।
इस ऐतिहासिक उपलब्धि के बाद बाँदा लौटे खिलाड़ियों का भागवत प्रसाद मेमोरियल एकेडमी (BPMA), श्रीनाथ विहार, चिल्ला रोड में भव्य नागरिक अभिनंदन किया गया। खेलप्रेमियों, शिक्षाविदों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और शहर के गणमान्य नागरिकों ने राष्ट्रीय पदक विजेताओं का फूलमालाओं, ट्रॉफी, स्पोर्ट्स किट और स्पोर्ट्स शूज भेंटकर जोरदार स्वागत किया।
सात खिलाड़ियों ने दिखाया दम, राष्ट्रीय मंच पर गूंजा बाँदा का नाम
राष्ट्रीय उपविजेता उत्तर प्रदेश टीम में BPMA से जुड़े कप्तान रिजवान खान, इरफान खान, सोहेल, नसरत खान, आफताब खान, आकाश कुमार और हर्षवर्धन ने शानदार खेल का प्रदर्शन किया। टीम के सामूहिक प्रदर्शन, अनुशासन और संघर्ष ने उत्तर प्रदेश को फाइनल तक पहुंचाया।
खास बात यह रही कि राष्ट्रीय प्रतियोगिता से पहले इन खिलाड़ियों ने बाँदा मिनी ओलंपिक में भी प्रतिभाग किया था। स्थानीय स्तर पर मिली प्रतिस्पर्धा और लगातार अभ्यास का फायदा राष्ट्रीय मंच पर साफ दिखाई दिया।
खिलाड़ियों के साथ कोच हामिद खान की भी अंतरराष्ट्रीय छलांग
समारोह में टीम कोच हामिद खान का विशेष सम्मान किया गया। राष्ट्रीय प्रतियोगिता में उत्तर प्रदेश टीम को प्रशिक्षण देने के साथ ही उन्हें रॉकबॉल का अंतरराष्ट्रीय रेफरी नियुक्त किया गया है। उनकी इस दोहरी उपलब्धि को बाँदा के खेल जगत के लिए बड़ी उपलब्धि बताया गया।
वक्ताओं ने कहा कि एक तरफ बाँदा के खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर पर पदक जीत रहे हैं, तो दूसरी ओर यहां के प्रशिक्षक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना रहे हैं। यह जिले में मजबूत होती खेल संस्कृति का संकेत है।
चेयरमैन बोले- रजत मंजिल नहीं, स्वर्ण की पहली सीढ़ी
BPMA के चेयरमैन शिव शरण कुशवाहा ने खिलाड़ियों की उपलब्धि पर प्रसन्नता जताते हुए कहा कि रजत पदक केवल एक पदक नहीं, बल्कि खिलाड़ियों के अभ्यास, अनुशासन, संघर्ष और सपनों की पहचान है। उन्होंने खिलाड़ियों को अगली बार स्वर्ण पदक के लक्ष्य के साथ तैयारी करने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने कहा कि BPMA में शिक्षा के साथ खेल, अनुशासन, नेतृत्व और आत्मविश्वास को भी विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है।
खेल जगत ने एकजुट होकर बढ़ाया खिलाड़ियों का हौसला
अभिनंदन समारोह में शहर के खेल, शिक्षा और सामाजिक क्षेत्र की प्रमुख हस्तियों ने खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाया। इनमें तथागत ज्ञानस्थली अतर्रा के संचालक शिवचरण कुशवाहा, उत्तर प्रदेश पैरा कराटे एसोसिएशन के वाइस प्रेसिडेंट साउदीउजमां खान, भाजपा बाँदा उपाध्यक्ष एवं रेडक्रॉस सचिव अमित सेठ ‘भोलू’, जिला वॉलीबॉल एसोसिएशन के सचिव शिवकुमार गुप्ता, पूर्व जिला क्रीड़ा अधिकारी सबल सिंह, पूर्व अभियोजन अधिकारी गजराज सिंह, जिला ओलंपिक एसोसिएशन बाँदा के महासचिव डॉ. इन्द्र वीर सिंह, जिला कबड्डी एसोसिएशन के सचिव कमल सिंह यादव, उपक्रीड़ा अधिकारी कल्पना कमल और जिला व्यायाम शिक्षक अमिता कुशवाहा सहित अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे।
समारोह में रमेश कुमार, विजय ओमर, मनोज जैन, बृजेश गुप्ता, रोहित जैन, धनंजय करवरिया, मनोज कुमार मिश्र, राजेन्द्र अवस्थी, शाहिद वली खान, रमेश चंद्र, सुरेश कुमार, ज्ञानचन्द्र, वेद प्रकाश और तौफीक समेत बड़ी संख्या में खेलप्रेमी शामिल हुए।
अब रजत नहीं, स्वर्ण पर नजर
BPMA के संचालक अंकित कुशवाहा ने कहा कि खिलाड़ियों की सफलता केवल संस्था की उपलब्धि नहीं, बल्कि परिवार, प्रशिक्षकों, खेल संगठनों और पूरे शहर के सामूहिक सहयोग का परिणाम है। उन्होंने खिलाड़ियों को और अधिक मेहनत कर राष्ट्रीय स्वर्ण तथा अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहचान बनाने के लिए प्रेरित किया।
बाँदा के इन खिलाड़ियों ने साबित कर दिया है कि संसाधन सीमित हो सकते हैं, लेकिन हौसलों की उड़ान सीमित नहीं होती। राष्ट्रीय रजत पदक अब मंजिल नहीं, स्वर्ण की ओर बढ़ता पहला बड़ा कदम है।इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर राॅकबाल एसोसिएशन ऑफ उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष राजा टक्कर, उपाध्यक्ष मनमोहन सेठ तथा महासचिव रजील शमीम और महुआ निवासी पर्यावरण संत,आक्सीजन बाबा- रामकृष्ण अवस्थी पूर्व शिक्षक शिक्षा मित्र ने भी पूरी टीम को बधाई प्रेषित की हैं।

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