दो बेसहारा गरीब परिवार का सहारा बने बरिष्ठ समाजसेवी
1 min readदो बेसहारा गरीब ब्राह्मण परिवारों के सहारा बने समाजसेवी राजन पांडेय
भारी बारिश में जर्जर मकानों और बदहाली के बीच पहुंचे, खाद्य सामग्री, कपड़े, बिस्तर और आर्थिक मदद देकर बढ़ाया सहयोग का हाथ
मिल्कीपुर अयोध्या

गरीबी में आटा गीला—यह कहावत मिल्कीपुर के आदिलपुर और डुंडी ग्रामसभा में उस समय चरितार्थ होती नजर आई, जब दो गरीब और बेसहारा ब्राह्मण परिवारों के सामने एक साथ कई संकट खड़े हो गए। एक ओर घर में खाने के लिए पर्याप्त अनाज नहीं था, वहीं दूसरी ओर लगातार हो रही भारी बारिश ने उनके जर्जर मकानों की हालत और भी भयावह कर दी थी।
जानकारी मिलते ही प्रमुख समाजसेवी राजन पांडेय दोनों परिवारों की मदद के लिए उनके घर पहुंचे। उन्होंने गुड़िया मिश्रा और ऊषा शुक्ला के परिवारों को तत्काल राहत सामग्री उपलब्ध कराई। प्रत्येक परिवार को एक बोरी आटा, 10 किलो दाल, एक बोरी चावल, तीन लीटर तेल, मसाले समेत अन्य आवश्यक खाद्य सामग्री दी गई। इसके साथ ही रोजमर्रा की जरूरत का सामान, गद्दा, दरी, चादर, कंबल और तकिया भी उपलब्ध कराया गया। महिलाओं को साड़ी, बच्चों को कपड़े तथा दोनों परिवारों को 3-3 हजार रुपये की तत्काल आर्थिक सहायता भी प्रदान की गई।
राजन पांडेय को अपने बीच पाकर दोनों परिवारों के परिजन भावुक हो उठे। उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े। परिजनों ने भावुक होकर कहा कि आज तक अयोध्या जनपद का कोई बड़ा नेता उनके दरवाजे तक उनका हाल जानने नहीं पहुंचा, लेकिन राजन पांडेय ने विपरीत परिस्थितियों में उनके घर पहुंचकर परिवार का सहारा बनने का काम किया।
इस दौरान राजन पांडेय ने सरकारी तंत्र की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यदि संबंधित अधिकारियों ने अपनी जिम्मेदारियों का सही ढंग से निर्वहन किया होता तो इन परिवारों के पास आज पक्का आवास और अन्य मूलभूत सुविधाएं होतीं। उन्होंने तत्काल आला अधिकारियों को दोनों परिवारों की आर्थिक स्थिति और उनकी समस्याओं से अवगत कराते हुए हरसंभव सरकारी सहायता उपलब्ध कराने का अनुरोध किया, ताकि परिवारों को संकट से उबारकर मुख्यधारा से जोड़ा जा सके।
राजन पांडेय ने कहा कि गरीब और जरूरतमंद परिवारों की पीड़ा देखकर उन्हें बेहद दुख होता है। उन्होंने अपने जीवन का ध्येय ही जरूरतमंदों की सेवा को बना लिया है। उनका कहना था कि जब तक सांस रहेगी, तब तक वह अपनी क्षमता के अनुसार लोगों की मदद करते रहेंगे।
उन्होंने मौके पर मौजूद लोगों को भरोसा दिलाया कि दोनों परिवारों को वह अपना परिवार समझकर आगे भी उनकी सेवा करते रहेंगे और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए हरसंभव प्रयास करेंगे।
राजन पांडेय ने कहा कि यह समाज का दुर्भाग्य है कि जाति और धर्म के नाम पर लोगों को बांटकर वोट लेने वाले कई नेता चुनाव जीतने के बाद गरीबों की समस्याओं और उनके दुख-दर्द को भूल जाते हैं। ऐसे समय में जरूरतमंद परिवारों के साथ खड़ा होना ही वास्तविक सामाजिक जिम्मेदारी है।
राजन पांडेय की इस पहल की क्षेत्र में खूब चर्चा हो रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में जब भी कोई परिवार आपदा या विपरीत परिस्थिति में फंसता है, राजन पांडेय अपने परिवार और सहयोगियों के साथ वहां पहुंचकर मदद का हाथ बढ़ाते नजर आते हैं।
इस अवसर पर गुड्डू शर्मा, मृत्युंजय सिंह, सोनू तिवारी, अंकित पांडेय जिला पंचायत सदस्य, विश्वास सोनी, आदर्श पांडेय, सुरेंद्र शुक्ला, शिवा भास्कर, जगन्नाथ यादव, विजेंद्र सिंह, अलीफ खान समेत सैकड़ों लोग मौजूद रहे।
