स्कूलों में ‘गुड टच-बैड टच’ की पाठशाला, न्यायिक अधिकारियों ने बच्चों को बताए सुरक्षा और कानूनी अधिकार,
1 min readधौलपुर, राजस्थान
राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के निर्देशों की पालना में मंगलवार को धौलपुर जिले के विभिन्न विद्यालयों में ‘Transformative Tuesday’ अभियान के तहत विधिक जागरूकता शिविर आयोजित किए गए। सचिव रेखा यादव एवं सभी न्यायिक अधिकारियों ने विद्यार्थियों को अगस्त माह के विषय “शोषण के खिलाफ आवाज उठाएं, अपने शरीर और मन की रक्षा करें तथा गुड टच और बैड टच का अंतर समझें” के बारे में जानकारी दी।
शिविर में बच्चों को POCSO Act-2012, किशोर न्याय अधिनियम-2015 तथा भारतीय न्याय संहिता-2023 के महत्वपूर्ण प्रावधानों की जानकारी दी गई। अधिकारियों ने समझाया कि बच्चों के साथ यौन उत्पीड़न, अनुचित स्पर्श, ऑनलाइन शोषण एवं अश्लील सामग्री से जुड़े अपराध कानूनन दंडनीय हैं। बच्चों को सोशल मीडिया के सुरक्षित इस्तेमाल, साइबर अपराधों से बचाव और अनजान लोगों से सावधान रहने के लिए भी जागरूक किया गया।
न्यायिक अधिकारियों ने बच्चों को बताया कि यदि कोई व्यक्ति उन्हें असहज करे, गलत तरीके से छुए, डराए-धमकाए या कोई बात छिपाने के लिए कहे तो तुरंत माता-पिता, शिक्षक, पुलिस या चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 से संपर्क करें। साथ ही नालसा टोल फ्री नंबर 15100 और ‘कोर्ट वाली दीदी’ सुझाव पेटिका के बारे में भी जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में नालसा ‘जागृति-न्याय जागरूकता के लिए जमीनी स्तर पर सूचना और पारदर्शिता पहल’ योजना-2025 के तहत ‘सशक्त युवा, सशक्त भारत’ विषय पर भी विद्यार्थियों को जागरूक किया गया। बच्चों को संविधान में प्रदत्त अधिकारों, निःशुल्क विधिक सहायता, महिला एवं बाल सुरक्षा, साइबर सुरक्षा, नशामुक्ति, लैंगिक समानता एवं सामाजिक जिम्मेदारियों की जानकारी दी गई।
न्यायिक अधिकारियों ने विद्यालयों में लगी ‘कोर्ट वाली दीदी’ सुझाव पेटिकाओं को भी खोलकर देखा, जिनमें किसी प्रकार की शिकायत प्राप्त नहीं हुई।
विजय कुमार शर्मा ब्यूरो

