बाल संप्रेषण एवं किशोर गृह का औचक निरीक्षण, बच्चों से सीधे संवाद कर जानी समस्याएं,
1 min readधौलपुर, राजस्थान
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव एवं अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश रेखा यादव ने गुरुवार को राजकीय बाल संप्रेषण एवं किशोर गृह धौलपुर का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान गृह में 14 विधि से संघर्षरत बालक, 3 देखरेख एवं संरक्षण वाले बच्चे तथा 2 शिशु उपस्थित मिले।
सचिव ने बच्चों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं और आवश्यकताओं की जानकारी ली। साथ ही भोजन, पेयजल, शयन कक्ष, स्नानागार, स्वास्थ्य, शिक्षा, स्वच्छता, सुरक्षा, परामर्श तथा खेल एवं मनोरंजन की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने विधि से संघर्षरत बच्चों से उनके प्रकरणों की जानकारी लेते हुए अनुशासन में रहने और भविष्य में गलत कार्यों से दूर रहने के लिए प्रेरित किया।
निरीक्षण के दौरान एक बालक की जमानत हो जाने के बावजूद परिवार की ओर से मुचलका पेश नहीं किए जाने की जानकारी मिली। इस पर सचिव ने अधीक्षक को परिजनों से संपर्क कर मुचलका पेश करवाने के निर्देश दिए।
सचिव रेखा यादव ने बच्चों को नालसा जागृति योजना-2025 के तहत ‘सशक्त युवा, सशक्त भारत’ विषय पर जानकारी दी। उन्होंने बच्चों को निःशुल्क विधिक सहायता, शिक्षा एवं जीवन के अधिकार, महिला-बाल सुरक्षा कानून, साइबर अपराध से बचाव, नशामुक्ति, डिजिटल सुरक्षा, लैंगिक समानता और सामाजिक जिम्मेदारी के प्रति जागरूक किया।
देखरेख एवं संरक्षण वाले बच्चों की स्थिति की जानकारी लेते हुए एक बच्चे के पुनर्वास के लिए भी आवश्यक निर्देश दिए गए। साथ ही बच्चों की उचित देखभाल, चिकित्सा, भोजन और आवास व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा।
इस दौरान जेल अधीक्षक मुरारीलाल मीणा, कनिष्ठ सहायक संजय, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के स्टेनो राहुल डंडोतिया सहित अन्य मौजूद रहे।
विजय कुमार शर्मा ब्यूरो

