नाली का पानी बंद करने को लेकर विवाद, घर में घुसकर मारपीट और जान से मारने की धमकी का आरोप
1 min readपीड़ित ने खंडासा थाने में दी तहरीर, तीन लोगों पर लगाया मारपीट का आरोप; विपक्षी ने आरोपों को बताया गलत, थाना प्रभारी बोले—शिकायत मिली है, जांच के बाद होगी कार्रवाई
अयोध्या/खंडासा।

थाना खंडासा क्षेत्र के ग्राम धरौली में नाबदान के पानी को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद का मामला सामने आया है। एक पक्ष ने घर में घुसकर मारपीट करने, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाते हुए पुलिस से कार्रवाई की मांग की है। वहीं विपक्षी पक्ष ने लगाए गए आरोपों को गलत बताते हुए नाबदान के निर्माण को लेकर अपना पक्ष रखा है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कराने की बात कही है।
ग्राम धरौली निवासी अवधेश पाण्डेय पुत्र सुखदेव पाण्डेय ने थाना खंडासा में दी गई तहरीर में आरोप लगाया है कि 09 अगस्त 2026 को जितेन्द्र कुमार शुक्ला तथा धीरेन्द्र कुमार शुक्ला उर्फ रिंकू पुत्र शिव बरदान ने उसके नाबदान का पानी बंद कर दिया। इस पर उसने 112 नंबर पर पुलिस को सूचना दी। पीड़ित के मुताबिक पुलिस मौके पर पहुंची और नाबदान खुलवाया, जिससे पानी उसकी जमीन की ओर जा रहा था। पीड़ित ने उक्त आबादी की जमीन पर अपना पुराना कब्जा होने का भी दावा किया है।
पुलिस के जाने के बाद घर में घुसकर मारपीट का आरोप
अवधेश पाण्डेय का आरोप है कि पुलिस के वापस जाने के बाद करीब शाम 7:30 बजे जितेन्द्र कुमार शुक्ला, धीरेन्द्र कुमार शुक्ला उर्फ रिंकू और धर्मेन्द्र कुमार शुक्ला उर्फ मिंटू पुत्रगण शिव बरदान उसके दरवाजे पर पहुंचे और गाली-गलौज करते हुए उसे मारने के लिए दौड़ाया। पीड़ित के अनुसार वह जान बचाने के लिए घर के अंदर चला गया, लेकिन आरोपितों ने घर में घुसकर उसके साथ लात-जूतों से मारपीट की।
तहरीर के मुताबिक घर के सदस्यों द्वारा शोर मचाने और बीच-बचाव करने पर उसकी जान बच सकी। पीड़ित का आरोप है कि जाते समय तीनों ने भविष्य में जान से मार डालने की धमकी भी दी। उसने पुलिस से मुकदमा दर्ज कर आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई और परिवार की सुरक्षा की मांग की है।
विपक्षी जितेन्द्र शुक्ला ने आरोपों को बताया गलत
वहीं इस पूरे मामले में विपक्षी जितेन्द्र कुमार शुक्ला ने पीड़ित के आरोपों को गलत बताया है। उनका कहना है कि जिन लोगों के खिलाफ आरोप लगाया गया है, उनमें धर्मेन्द्र शुक्ला उनके भाई हैं और अहमदाबाद में रहते हैं। घटना के समय वह गांव में मौजूद ही नहीं थे।
जितेन्द्र शुक्ला का कहना है कि विवाद की असली वजह नाबदान का निर्माण है। उनके मुताबिक संबंधित नाबदान पहले से वहां मौजूद नहीं था और अब नया निर्माण किया जा रहा है, जिसका वह विरोध कर रहे हैं। उनका स्पष्ट कहना है कि वे इस तरह का नया नाबदान निर्माण नहीं होने देंगे।
थाना प्रभारी बोले—शिकायत मिली है, जांच के बाद होगी उचित कार्रवाई
मामले को लेकर थाना प्रभारी खंडासा का कहना है कि शिकायत प्राप्त हुई है। मामले की जांच कराई जा रही है और जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल नाबदान के पानी को लेकर शुरू हुआ विवाद मारपीट और धमकी के आरोपों तक पहुंच गया है। दोनों पक्षों के दावों के बीच अब पुलिस की जांच से ही स्पष्ट होगा कि घटनाक्रम में वास्तविक स्थिति क्या रही और आरोपों में कितनी सच्चाई है।

