25 वर्षों से बदहाल सड़क की मरम्मत की मांग, ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से लगाई गुहार
1 min readकटरा बाजार,गोंडा।

विकासखंड कटरा बाजार की ग्रामसभा कोटिया मदारा के मजरा अशोकवापुर में वर्षों से जर्जर पड़ी सड़क को लेकर ग्रामीणों का धैर्य अब जवाब देने लगा है। गांव के निवासी दीप नारायण शुक्ला ने बुधवार को जिलाधिकारी गोंडा को प्रार्थना-पत्र सौंपकर गांव की एकमात्र संपर्क सड़क की मरम्मत कराए जाने की मांग की है। उन्होंने बताया कि यह सड़क दुबहा बाजार संपर्क मार्ग से होकर अशोकवापुर गांव तक जाती है और पूरे गांव के लोगों के आवागमन का प्रमुख साधन है। प्रार्थना-पत्र में आरोप लगाया गया है कि वर्ष 2000 के बाद से इस सड़क पर कोई निर्माण या मरम्मत कार्य नहीं कराया गया। पहले यहां खड़ंजा मार्ग बना था, लेकिन समय के साथ वह पूरी तरह उखड़ चुका है। वर्तमान में सड़क गड्ढों और कीचड़ में तब्दील हो गई है, जिससे राहगीरों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। विशेष रूप से बरसात के मौसम में हालात और भी बदतर हो जाते हैं। ग्रामीणों, बुजुर्गों, महिलाओं और स्कूली बच्चों को रोजाना जान जोखिम में डालकर इस रास्ते से गुजरना पड़ता है। दीप नारायण शुक्ला ने अपने प्रार्थना-पत्र में यह भी उल्लेख किया है कि इस समस्या को लेकर कई बार ग्राम प्रधान और ग्राम पंचायत सचिव से शिकायत की गई, लेकिन आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इतना ही नहीं, इससे पूर्व भी जिलाधिकारी को इसी संबंध में कई प्रार्थना-पत्र दिया गया था, लेकिन उसके बावजूद सड़क की स्थिति जस की तस बनी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि जिम्मेदार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की उदासीनता के कारण गांव के लोगों को बुनियादी सुविधा से वंचित रहना पड़ रहा है।ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की बदहाली के कारण एंबुलेंस, स्कूल वाहन और अन्य आवश्यक सेवाओं का गांव तक पहुंचना भी मुश्किल हो जाता है। कई बार मरीजों और गर्भवती महिलाओं को चारपाई या निजी साधनों के सहारे मुख्य सड़क तक ले जाना पड़ता है। वहीं, किसानों को भी अपनी उपज बाजार तक पहुंचाने में अतिरिक्त समय और खर्च उठाना पड़ता है। प्रार्थी ने जिलाधिकारी से मांग की है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित ग्राम प्रधान एवं अधिकारियों को तत्काल सड़क की मरम्मत कराने के निर्देश दिए जाएं, ताकि गांव के लोगों को आवागमन की सुविधा मिल सके और वर्षों पुरानी समस्या का स्थायी समाधान हो सके। अब ग्रामीणों की निगाहें जिला प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं।
महादेव मौर्या
