July 25, 2026

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राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपकर बेरोजगारी, पेपर लीक और EVM पर जताया विरोध

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शिक्षा मंत्री से इस्तीफे, लाठीचार्ज में घायलों को मुआवजे की मांग, 1 हफ्ते में बड़ा आंदोलन की चेतावनी

बांदा

देश में बढ़ती बेरोजगारी, प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपरलीक और लोकतांत्रिक मूल्यों पर हो रहे हमले के विरोध में शुक्रवार को बांदा के नागरिकों ने जिलाधिकारी के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपा।

ज्ञापन पूर्व जिला अधिवक्ता संघ अध्यक्ष द्वारिकेश सिंह यादव ‘मण्डेला’* और किसान कामगार यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष प्रमोद आजाद के नेतृत्व में सौंपा गया।

ज्ञापन में उठाए गए प्रमुख मुद्दे:*
वक्ताओं ने कहा कि देश की राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर 25 दिनों से छात्र, नौजवान, वैज्ञानिक और समाजसेवी पेपरलीक, बेरोजगारी और शिक्षा प्रणाली में पारदर्शिता की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। प्रसिद्ध पर्यावरणविद सोनम वांगचुक भी 25 दिन तक भूख हड़ताल पर रहे।

आरोप लगाया गया कि 20 जुलाई 2026 को जब आंदोलनकारी संसद मार्च कर रहे थे तो उन पर लाठीचार्ज, आंसू गैस और पानी की बौछार की गई। इसमें हजारों लोग घायल हुए। विपक्षी नेताओं और जनप्रतिनिधियों को भी गिरफ्तार किया गया। देश में “अघोषित आपातकाल” जैसा माहौल बना दिया गया है।

ज्ञापन में बुलंदशहर जेल में बंद किसान नेता चौधरी मनवीर तेवतिया* का भी जिक्र किया गया। कहा गया कि हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद भी उन्हें रिहा नहीं किया जा रहा है।

राष्ट्रपति से की गई 6 प्रमुख मांगें:

  1. शिक्षा मंत्री का इस्तीफा: पेपरलीक रोकने में असफल रहने पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से तत्काल इस्तीफा लिया जाए।
  2. कार्रवाई: 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर लाठीचार्ज करने वाले पुलिस अधिकारियों-कर्मचारियों पर मुकदमा दर्ज कर जेल भेजा जाए।
  3. मुकदमे वापस हों: आंदोलनकारियों पर दर्ज सभी मुकदमे तत्काल वापस लिए जाएं।
  4. मुआवजा और इलाज: लाठीचार्ज में घायल आंदोलनकारियों का मुफ्त इलाज कराया जाए और प्रत्येक को 1-1 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए।
  5. EVM पर रोक: चुनावों में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन पर रोक लगाकर बैलेट पेपर से चुनाव कराए जाएं।
  6. रिहाई: बुलंदशहर जेल में बंद किसान नेता मनवीर तेवतिया को तत्काल रिहा किया जाए।

प्रतिनिधियों ने चेतावनी दी कि यदि एक सप्ताह के अंदर मांगें नहीं मानी गईं तो बांदा में विशाल आंदोलन किया जाएगा। इसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।

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