बदहाली की आंसू बहा रही गांव को जाने वाली सड़क ग्रामीणों व स्कूली बच्चे परेशान अधिकारी खामोश
1 min readधौरहरा की ओझापुरवा में कीचड़ बनी सड़क, 4 साल से बदहाली का रोना रो रहे ग्रामीण
लखीमपुर खीरी
योगी सरकार में विकास के तमाम दावों के बीच धौरहरा तहसील के ईशानगर ब्लॉक की ग्रामसभा ओझापुरवा आज भी बदहाल सड़क के कारण संघर्ष कर रही है। यहां मुख्य मार्ग से गांव को जोड़ने वाली सड़क वर्षों से कच्ची और जर्जर है। बारिश आते ही यह सड़क कीचड़ का तालाब बन जाती है, जिससे ग्रामीणों का निकलना दूभर हो गया है।
स्थानीय लोगों के अनुसार ओझापुरवा में करीब 300 से अधिक परिवार रहते हैं। गांव की एकमात्र संपर्क सड़क न होने के कारण रोजमर्रा की जरूरतों के लिए लोगों को 2 किलोमीटर तक पैदल कीचड़ में चलना पड़ता है। सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली बच्चों को हो रही है। बरसात के दिनों में बच्चे या तो स्कूल नहीं जा पाते या फिर फिसलकर गिरते-पड़ते पहुंचते हैं। गर्भवती महिलाओं और बीमार बुजुर्गों को अस्पताल ले जाने में भी घंटों लग जाते हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि पिछले 4 सालों में कई बार तहसील दिवस, ब्लॉक और जिला प्रशासन को लिखित शिकायतें दी गईं। विधायक और अन्य नेताओं से भी गुहार लगाई गई, लेकिन आश्वासन के सिवा कुछ नहीं मिला। “चुनाव के समय बड़े-बड़े वादे होते हैं, वोट मांगने आते हैं, पर जीतने के बाद कोई मुड़कर नहीं देखता,” गांव के प्रधान प्रतिनिधि ने कहा।
गांव के किसान भी फसल मंडी तक नहीं पहुंचा पा रहे। ट्रैक्टर-ट्रॉली कीचड़ में फंस जाती है, जिससे लागत बढ़ गई है। युवाओं का कहना है कि रोजगार और पढ़ाई दोनों प्रभावित हो रही है।
ग्रामीणों की मांग है कि योगी सरकार और जिला प्रशासन ओझापुरवा को जोड़ने वाली सड़क का शीघ्र निर्माण कराए और पक्की सड़क, नाली व जलनिकासी की व्यवस्था करे। अब सवाल यही है कि आखिर ग्रामीणों को इस कीचड़ और बदहाली से कब निजात मिलेगी।
आदर्श वर्मा


