एसीजेएम चित्राक्षी सिंह ने विद्यार्थियों को पढ़ाया नशामुक्ति का पाठ, कहा– नशा नहीं, शिक्षा और संस्कार बनाते हैं पहचान,
1 min readबाड़ी,
धौलपुर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण एवं तालुका विधिक सेवा समिति, बाड़ी के तत्वावधान में मंगलवार को ‘ट्रांसफॉर्मेटिव ट्यूजडेज’ अभियान के तहत रेलवे फाटक स्थित विवेकानंद कॉन्वेंट स्कूल में नशामुक्ति जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। शिविर में अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (एसीजेएम) चित्राक्षी सिंह ने विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराते हुए स्वस्थ और अनुशासित जीवन अपनाने का संदेश दिया।
एसीजेएम चित्राक्षी सिंह ने कहा कि गुटखा, तंबाकू, सिगरेट, ई-सिगरेट, शराब, गांजा, चरस और अफीम जैसे मादक पदार्थ युवाओं के स्वास्थ्य और भविष्य के लिए गंभीर खतरा हैं। उन्होंने बताया कि विशेष रूप से गुटखा और तंबाकू के सेवन से मुख के कैंसर, हृदय रोग, फेफड़ों की बीमारियां तथा दांत और मसूड़ों से जुड़ी गंभीर समस्याएं पैदा होती हैं। साथ ही इनका मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर भी गहरा दुष्प्रभाव पड़ता है।
उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि किशोरावस्था में कई युवा दोस्तों के दबाव या जिज्ञासा के कारण नशे की शुरुआत कर देते हैं, जो धीरे-धीरे आदत और फिर लत में बदल जाती है। इसका असर उनकी पढ़ाई, व्यक्तित्व, पारिवारिक जीवन और पूरे भविष्य पर पड़ता है।
चित्राक्षी सिंह ने छात्रों से आह्वान किया कि यदि कोई मित्र या परिचित नशा करने के लिए दबाव डाले तो उसका साहसपूर्वक विरोध करें। उन्होंने कहा कि अच्छे संस्कार, आत्मविश्वास, अनुशासन, शिक्षा और खेलकूद ही व्यक्ति की वास्तविक पहचान बनाते हैं, न कि किसी भी प्रकार का नशा।
कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों को नशामुक्त जीवन अपनाने तथा परिवार और समाज को भी नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने की शपथ दिलाई गई। इस अवसर पर विद्यालय के प्राचार्य महावीर प्रसाद गोयल, तालुका विधिक सेवा समिति के कनिष्ठ सहायक पंकज सैनी तथा विद्यालय स्टाफ उपस्थित रहा।
विजय कुमार शर्मा ब्यूरो

