बंद हल्दी पैकेट में सूखी छिपकली मिलने से हड़कंप, खाद्य सुरक्षा और गुणवत्ता नियंत्रण पर गंभीर सवाल
1 min readबंद हल्दी पैकेट में सूखी छिपकली मिलने का दावा,
बाड़ी की मसाला कंपनी पर उठे सवाल
बयाना में खरीदे गए पैकेट का वीडियो होने का दावा,
खाद्य सुरक्षा और गुणवत्ता नियंत्रण पर गंभीर प्रश्न,
बयाना,
भरतपुर जिले के बयाना कस्बे में पैक बंद हल्दी के एक पैकेट में सूखी छिपकली मिलने के दावे ने खाद्य सुरक्षा व्यवस्था और पैकिंग प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। उपभोक्ता ने आरोप लगाया है कि बाजार से खरीदे गए सीलबंद हल्दी के पैकेट को खोलने पर उसके अंदर सूखी छिपकली मिली। परिवार ने पूरे घटनाक्रम का वीडियो भी बनाए जाने का दावा किया है।
जानकारी के अनुसार, बक्सरिया गली निवासी सुकंत कुमार सोनी ने छोटा बाजार स्थित राजेंद्र लोहिया की परचून दुकान से ‘यश प्रताप मसाले’ ब्रांड की 100 ग्राम हल्दी खरीदी थी। उपभोक्ता के अनुसार, घर पहुंचने के बाद जब पैकेट खोला गया तो उसमें हल्दी के बीच सूखी छिपकली दिखाई दी। इस घटना से परिवार के लोग हैरान रह गए और उन्होंने इसका वीडियो भी रिकॉर्ड किया।
पैकेट पर अंकित जानकारी के अनुसार, उत्पाद का निर्माता यश प्रताप आर.डी. प्रोडक्ट्स, बारहमासी पीपल के पास, बाड़ी (धौलपुर) है। पैकिंग तिथि अप्रैल 2026, वजन 100 ग्राम और अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) 40 रुपये दर्ज है। बयाना में इस ब्रांड का थोक विक्रेता विजय सिंघल, गणेश मार्केट बताया गया है।
कंपनी का पक्ष भी आया सामने,
मामले में जब ब्रांड संचालक दिनेश प्रजापति से संपर्क किया गया तो उन्होंने कहा कि कंपनी में मसालों को पीसने के बाद अच्छी तरह छानकर ही पैक किया जाता है। उनके अनुसार गुणवत्ता मानकों का पूरा ध्यान रखा जाता है और उत्पादन प्रक्रिया में ऐसी लापरवाही की संभावना नहीं है।
उपभोक्ता ने उठाए गंभीर सवाल,
उपभोक्ता का कहना है कि यदि पैकिंग प्रक्रिया पूरी तरह सुरक्षित और गुणवत्ता मानकों के अनुरूप है, तो सीलबंद पैकेट के अंदर सूखी छिपकली कैसे पहुंची? उनका सवाल है कि यदि किसी परिवार ने बिना देखे इस हल्दी का उपयोग कर लिया होता और किसी की तबीयत बिगड़ जाती, तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेता?
जांच की उठी मांग,
घटना के बाद स्थानीय लोगों और उपभोक्ताओं ने खाद्य सुरक्षा विभाग से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, संबंधित पैकेट की लैब जांच करवाने और यदि आरोप सही पाए जाएं तो जिम्मेदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि पैक बंद खाद्य उत्पादों में इस तरह की शिकायतें उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य से सीधा जुड़ा गंभीर विषय हैं और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई आवश्यक है।
विजय कुमार शर्मा ब्यूरो

