राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा के जिला अध्यक्ष ने उठाया पीड़ित व्यापारियों का मुद्दा, आंदोलन की दी चेतावनी
1 min readराष्ट्रीय अधिकार मोर्चा (राम) के नवनियुक्त जिला अध्यक्ष गणेश अग्निहोत्री ने उठाया अतर्रा के पीड़ित व्यापारियों का मुद्दा, आंदोलन की दी चेतावनी
अतर्रा/बांदा।
राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा (राम) के नवनियुक्त जिला अध्यक्ष गणेश अग्निहोत्री ने पदभार संभालते ही जनहित और शोषितों की आवाज उठाना शुरू कर दिया है। अतर्रा नगर के मुख्य चौराहे पर सुन्दरीकरण के नाम पर स्थानीय व्यापारियों की दुकानें तोड़े जाने के मामले को लेकर जिला अध्यक्ष गणेश अग्निहोत्री ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने पीड़ित दुकानदारों के समर्थन में आते हुए शासन-प्रशासन से इस मामले में तुरंत न्यायसंगत कार्रवाई करने की मांग की है।
व्यापारियों की जायज मांगों का मोर्चा ने किया समर्थन
नवनियुक्त जिला अध्यक्ष ने कहा कि विकास और सुन्दरीकरण के नाम पर वैध रूप से काबिज छोटे और मध्यम व्यापारियों को उजाड़ना पूरी तरह से अन्यायपूर्ण है। उन्होंने नरैनी विधायक श्रीमती ओममणी वर्मा द्वारा इस संबंध में S.D.M. अतर्रा को दिए गए त्वरित कार्रवाई के निर्देशों का स्वागत किया, लेकिन साथ ही चेतावनी भी दी कि प्रशासनिक स्तर पर किसी भी प्रकार की हीलाहवाली बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
गणेश अग्निहोत्री ने राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा (राम) की ओर से दुकानदारों की तीन प्रमुख मांगों को दोहराया:
नक्शा और मानक हों सार्वजनिक: चौराहे पर हो रहे कार्य का पूरा नक्शा और उसके तय मानक तुरंत सार्वजनिक किए जाएं।
वैध मालिकों को मिले मुआवजा: जिन दुकानदारों की रजिस्ट्री शुदा और निजी मालिकाना हक वाली दुकानें तोड़ी गई हैं, प्रशासन उन्हें अविलंब उचित मुआवजा प्रदान करे।
रोजगार की व्यवस्था: प्रभावित दुकानदारों के पुनर्वास और उनकी आजीविका की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
मांगें पूरी न होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी
गणेश अग्निहोत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा, “राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा (राम) हर पीड़ित नागरिक के अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। यदि स्थानीय प्रशासन ने रमेश चन्द, राजेन्द्र अग्निहोत्री, वीरेंद्र अग्निहोत्री, शिवचरन, शिवकुमार, विनय गुप्ता समेत सभी पीड़ित दुकानदारों को न्याय नहीं दिया, तो मोर्चा सड़कों पर उतरकर प्रखर आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा।”
इस दौरान मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने गणेश अग्निहोत्री के जिला अध्यक्ष बनने पर उन्हें बधाई दी और संकल्प लिया कि वे क्षेत्र में किसी भी प्रकार के प्रशासनिक उत्पीड़न के खिलाफ एकजुट होकर संघर्ष करेंगे।

