पट्टा मिलने के बाद भी जमीन के लिए भटक रहा पीड़ित, लेखपाल पर ₹5000 रिश्वत मांगने का आरोप
1 min readसुल्तानपुर।
जिले की कादीपुर तहसील क्षेत्र से प्रशासनिक लापरवाही और भ्रष्टाचार का एक गंभीर मामला सामने आया है। दोस्तपुर थाना क्षेत्र के ग्राम नारामधईपुर निवासी श्रीपाल पुत्र बुधिराम ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र देकर अपनी पट्टे की जमीन पर कब्जा दिलाने की गुहार लगाई है। पीड़ित ने हलका लेखपाल पर पैमाइश के बदले ₹5000 की रिश्वत मांगने का आरोप लगाया है।
जिलाधिकारी को दिए गए प्रार्थना पत्र में श्रीपाल ने बताया कि उन्हें कृषि कार्य हेतु गांव में 5 बिस्वा जमीन का पट्टा आवंटित किया गया था। लेकिन पट्टा आवंटित होने के बावजूद आज तक उन्हें जमीन का वास्तविक कब्जा नहीं मिला। इस संबंध में उन्होंने पहले 19 मई 2026 को भी प्रार्थना पत्र दिया था।
पीड़ित का आरोप है कि जिलाधिकारी स्तर से आदेश होने के बाद भी स्थानीय हलका लेखपाल मामले को लटका रहे हैं। शिकायती पत्र में कहा गया है कि लेखपाल ने स्पष्ट कहा कि “5000 रुपये लाइये तब पैमाइश करेंगे और कब्जा दिलवाने की हमारी कोई जिम्मेदारी नहीं है”। लगातार दफ्तरों के चक्कर काटने के बाद पीड़ित ने जिलाधिकारी से मामले में हस्तक्षेप की मांग की है।
श्रीपाल ने मांग की है कि सक्षम अधिकारी और पुलिस बल की मौजूदगी में उनकी पट्टा शुदा भूमि की पैमाइश कराकर उन्हें नियमानुसार कब्जा दिलाया जाए।
ग्राम सभा की जमीन पर कब्जे का भी आरोप
सूत्रों के अनुसार संबंधित लेखपाल की दोबारा उसी गांव में पोस्टिंग के बाद क्षेत्र में अनियमितताएं बढ़ी हैं। आरोप है कि लेखपाल के अधिकतर चहेते लोग ग्राम सभा की सरकारी जमीनों पर कब्जा किए हुए हैं। जानकारी के अनुसार पूरे ग्राम सभा में लगभग 55 बीघा ग्राम सभा की जमीन है, जिसमें एक बिस्सा भी खाली नहीं बची है।
फिलहाल इस मामले में प्रशासन या संबंधित लेखपाल की ओर से कोई आधिकारिक पक्ष सामने नहीं आया है। जांच के बाद ही सच्चाई स्पष्ट हो सकेगी।

