टी ई टी अनिवार्यता के विरोध में टीचर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय नेतृत्व के आवाहन पर सम्पूर्ण भारत में विरोध प्रदर्शन
1 min readटी ई टी अनिवार्यता के विरोध में टीचर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय नेतृत्व के आवाहन पर सम्पूर्ण भारत के सांसदों को दिए जाने वाले ज्ञापन के अपने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार जनपद

बांदा में आज दिनांक 13 जुलाई को टी एफ आई के राष्ट्रीय सचिव तथा उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष आशुतोष त्रिपाठी और जिला मंत्री प्रजीत सिंह के नेतृत्व में सैकड़ों शिक्षकों के साथ बांदा चित्रकूट सांसद कृष्णा पटेल को ज्ञापन सौंपा।जिलाध्यक्ष आशुतोष त्रिपाठी ने ज्ञापन के माध्यम से मांग की, कि दिनांक 23 अगस्त 2010 को निर्धारित मिनिमम क्वॉलिफिकेशन के पैरा 4 को माननीय संसद के माध्यम से पारित कराकर अधिनियम में शामिल करके लाखों शिक्षकों और उनके करोड़ों परिजनों को राहत देने का कार्य भारत सरकार को करना चाहिए।उक्त ज्ञापन को देश के प्रधानमंत्री और शिक्षा मंत्री को भी प्रेषित किया गया । जिला मंत्री प्रजीत सिंह ने कहा कि संसद के मानसून सत्र में सरकार को अध्यादेश लाकर समस्या का समाधान करना चाहिए।ऐसा नहीं है कि शिक्षक परीक्षा पास नहीं कर सकते किंतु नौकरी के बीस पच्चीस वर्ष बाद ऐसा निर्णय नैसर्गिक न्याय के विरुद्ध है,आज शिक्षा विभाग में हुआ कल अन्य विभाग में भी यही प्रक्रिया हो सकती है। संयुक्त मंत्री जय किशोर दीक्षित ने बताया कि आज से बीस पच्चीस वर्ष पहले सभी शैक्षिक योग्यताएं और निर्धारित परीक्षा पास करके ही नौकरी मिली थी ऐसे में नियुक्ति प्रक्रिया के नवीन नियम इतने अनुभवी शिक्षकों पर थोपना उचित नहीं है,सरकार को अवश्य विचार करना चाहिए।
इसके पहले जी आई सी मैदान में एकत्रित होकर मोटरसाइकिल रैली के रूप में भारी संख्या में समाजवादी पार्टी कार्यालय पहुंचकर सांसद को ज्ञापन दिया गया। ज्ञापन के समय वरिष्ठ उपाध्यक्ष रमाशंकर यादव,कोषाध्यक्ष रामसुफल कश्यप सहित समस्त जनपदीय पदाधिकारी,ब्लॉक अध्यक्ष, मंत्री,संघर्ष समिति के पदाधिकारी,तहसील स्तर के पदाधिकारी,महिला पदाधिकारी सहित सैकड़ों की संख्या में शिक्षक शिक्षिका उपस्थित रहे।।
