सुकदेव सिंह लवकुश महाविद्यालय में NAAC कार्यशाला का सफल आयोजन
1 min readबबेरू बाँदा

सुकदेव सिंह लवकुश महाविद्यालय, बबेरू (बाँदा) में आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (IQAC) के तत्वावधान में एक दिवसीय NAAC कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का विषय “उच्च शिक्षा में गुणवत्ता, नवाचार एवं NAAC प्रत्यायन की चुनौतियाँ” रहा।
कार्यशाला में उच्च शिक्षा संस्थानों में गुणवत्ता संवर्धन, नवाचार, NAAC प्रत्यायन की नवीन प्रक्रिया, दस्तावेजीकरण, सर्वोत्तम प्रथाओं तथा संस्थागत उत्कृष्टता के विभिन्न आयामों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों को NAAC के मानदण्डों, गुणवत्ता संस्कृति के विकास तथा प्रभावी संस्थागत कार्ययोजना के संबंध में महत्वपूर्ण मार्गदर्शन प्रदान किया।
कार्यक्रम में प्रो. सुनील कुमार कबिया, कार्यशाला समन्वयक, बुंदेलखंड विश्वविद्यालय, झाँसी; राजबहादुर, परीक्षा नियंत्रक, बुंदेलखंड विश्वविद्यालय, झाँसी; प्रो. दीपाली गुप्ता, क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी, चित्रकूट धाम मण्डल, बाँदा; तथा प्रो. जितेन्द्र कुमार, नोडल अधिकारी (उच्च शिक्षा), बाँदा ने अपने विचार व्यक्त करते हुए गुणवत्ता आधारित उच्च शिक्षा एवं NAAC प्रत्यायन की उपयोगिता पर प्रकाश डाला।
प्रो. सुनील कुमार कबिया, कार्यशाला समन्वयक ने मुख्य वक्ता के रूप में NAAC के महत्त्व एवं उसके लाभ पर व्याख्यान दिया और बताया कि NAAC हर महाविद्यालय कि लिए जरुरी है, उससे महाविद्यालय की शिक्षा की गुणवत्ता एवं शिक्षकों की गरिमा का विकास होता है। साथ ही साथ विश्वविद्यालय अनुदान आयोग से कई महत्वपूर्ण अनुदान भी मिलते है। प्रो. जितेन्द्र कुमार, नोडल अधिकारी (उच्च शिक्षा), बाँदा ने NAAC कराने की प्रत्येक प्रणाली को आसान शब्दों में समझाया जिससे NAAC प्रत्यायन में छोटी से छोटी समस्या का निराकरण हो सके।
प्रो. दीपाली गुप्ता, क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी, चित्रकूट धाम मण्डल, बाँदा ने अपने उद्बोधन में कहा कि NAAC कराने में किसी भी महाविद्यालय को कोई भी दिक्कत आ रही हो तो वह हर संभव मदद करने को तैयार है क्योंकि वह चाहती हैं कि समस्त महाविद्यालय NAAC कराकर उच्च शिक्षा में गुणवत्ता लाएं जिससे बुंदेलखंड को जहाँ उच्च शिक्षा में पिछड़ा माना जाता है, लोगों का वह भ्रम टूटेगा और सभी की नजर में बुंदेलखंड में भी उच्च शिक्षा का एक अलग दृष्टिकोण बनेगा। राजबहादुर, परीक्षा नियंत्रक, बुंदेलखंड विश्वविद्यालय, झाँसी ने अपने सरल व्यक्तित्व से सभी को मोहम्मद इक़बाल की शेरो-शायरी के साथ ज्ञान की उपयोगिता के साथ NAAC के उचित मापदंडो को पूरा करने पर जोर दिया।
महाविद्यालय के IQAC समन्वयक/प्राचार्य डॉ. बृजेश कुमार गुप्ता ने कार्यशाला के उद्देश्य एवं महत्त्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि गुणवत्ता आधारित शिक्षा एवं सतत संस्थागत विकास के लिए ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम अत्यंत आवश्यक हैं। महाविद्यालय के प्रधान संस्थापक/प्रबंधक श्री चंद्रपाल कुशवाहा ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए भविष्य में भी ऐसे शैक्षणिक कार्यक्रमों के नियमित आयोजन का आश्वासन दिया। महाविद्यालय के डायरेक्टर डॉ सुधीर कुशवाहा ने सभी अतिथियों को स्मृति चिन्ह एवं शॉल देकर स्वागत किया।
कार्यशाला में लगभग 35 महाविद्यालयों के प्राचार्यों, IQAC समन्वयकों, शिक्षकों एवं शोधार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। कार्यक्रम के समापन पर सभी प्रतिभागियों को सहभागिता प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए तथा सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया। कार्यक्रम को संपादित करने में महाविद्यालय के समस्त प्राध्यापक, तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों ने अपनी उपस्थिति के साथ कार्यक्रम की तैयारी से लेकर कार्यक्रम के समापन में अपना विशिष्ट योगदान दिया जिससे यह सफल आयोजन बना। जिसकी मुख्य अतिथि से लेकर प्रत्येक सहभागी ने महाविद्यालय के स्टॉफ की तारीफ करी।
