तहसील परिसर में लगे वाटर कूलर बना शोपीस, फरियादीयों को नहीं मिला पानी
1 min readजनता के टैक्स से लगे वाटर कूलर बने शोपीस, प्यासे लौट रहे फरियादी
सदर तहसील अयोध्या

आम जनता के लिए पेयजल व्यवस्था पूरी तरह बदहाल नजर आ रही है, तहसील परिसर में लोगों की सुविधा के लिए लगाए गए दो वाटर कूलर सिर्फ दिखावा बनकर रह गए हैं।
हालत यह है कि दोनों वाटर कूलरों में पानी तक उपलब्ध नहीं है, जिससे अपनी समस्याओं को लेकर तहसील पहुंचने वाले लोग प्यासे ही लौटने को मजबूर हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि ये वाटर कूलर जनता के टैक्स के पैसे से लगाए गए हैं, किसी अधिकारी या उनके परिवार के निजी खर्च से नहीं।
बावजूद इसके उनकी देखरेख की जिम्मेदारी निभाने वाला कोई नजर नहीं आ रहा विडंबना यह भी है कि परिसर में नया वाटर कूलर भी लगाया गया
लेकिन उसमें भी पानी की व्यवस्था नहीं की गई
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जहां आम लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए SDM से लेकर तहसीलदार और अन्य अधिकारी मौजूद रहते हैं।
वहीं उनके कार्यालय से कुछ ही मीटर दूर जनता की बुनियादी जरूरत—पीने के पानी—की समस्या पर किसी का ध्यान नहीं गया।
हैरानी की बात यह भी है कि वाटर कूलर किस विभाग द्वारा लगाया गया, इसकी जानकारी तक सार्वजनिक नहीं है। लोगों का कहना है कि यदि विभाग का नाम स्पष्ट होता तो जिम्मेदारी तय कर शिकायत की जा सकती थी।
सवाल यही है कि जब सरकारी दावों में जनता की सुविधा और जनहित की बातें की जाती हैं, तो फिर जमीनी हकीकत इतनी बदहाल क्यों है? अब दावों में कितनी सच्चाई है और कितनी सिर्फ कागजी व्यवस्था, इसका फैसला जनता खुद कर रही है।
