विश्व बाल श्रम निषेध दिवस, पॉक्सो अधिनियम एवं स्थायी लोक अदालत की कार्यप्रणालियों के संबंध में एक दिवसीय कार्यशाला का किया आयोजन
1 min read
धौलपुर,
राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण संजीव मागो के मार्गदर्शन में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, प्रयत्न संस्था के संयुक्त तत्वावधान एवं अध्यक्ष स्थायी लोक अदालत सुरेश प्रकाश भट्ट एवं सचिव रेखा यादव की अध्यक्षता में एडीआर परिसर में विश्व बाल श्रम निषेध दिवस, पॉक्सो अधिनियम 2012 एवं स्थायी लोक अदालत की कार्यप्रणालियों के संबंध में एक दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ मां सरस्वती की चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर सचिव रेखा यादव ने नालसा द्वारा जारी एक मुट्ठी आसमान एवं नालसा जिंगल्स के अंतर्गत वीडियो की जानकारी वीडियो प्रस्तुतीकरण के माध्यम से प्रदान की गई।
इस अवसर पर अध्यक्ष स्थायी लोक अदालत सुरेश प्रकाश भट्ट ने स्थायी लोक अदालत की कार्यप्रणाली के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि स्थायी लोक अदालत का गठन लोक उपयोगी सेवाओं जैसे परिवहन, डाक, दूरसंचार, विद्युत, जलापूर्ति, अस्पताल एवं बीमा सेवाओं से संबंधित विवादों के त्वरित एवं सुलभ निस्तारण के लिए किया गया है। स्थायी लोक अदालत में पक्षकार बिना किसी जटिल न्यायिक प्रक्रिया के अपना प्रकरण प्रस्तुत कर सकते हैं। सर्वप्रथम पक्षकारों के मध्य समझौता कराने का प्रयास किया जाता है। यदि समझौता नहीं हो पाता है तो स्थायी लोक अदालत मामले के गुण-दोष के आधार पर निर्णय पारित कर सकती है। इसका उद्देश्य आमजन को शीघ्र, सस्ता एवं सुलभ न्याय उपलब्ध कराना है। स्थायी लोक अदालत में न्यायालय शुल्क नहीं लगता तथा इसका निर्णय पक्षकारों पर बाध्यकारी होता है।
इस अवसर पर सचिव रेखा यादव ने कार्यशाला में उपस्थित लोगों को बताया कि बाल श्रम बच्चों के शिक्षा, स्वास्थ्य एवं समग्र विकास के अधिकार का हनन है। प्रत्येक बच्चे को शिक्षा, सुरक्षा एवं सम्मानपूर्ण जीवन का अधिकार प्राप्त है। बाल श्रम, बाल विवाह, बाल तस्करी तथा बच्चों के शोषण जैसी सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध समाज को जागरूक होकर कार्य करना चाहिए।
साथ ही नालसा द्वारा जारी स्कीमों के बारे में भी जानकारी देते हुए बताया कि नालसा स्कूल छोड़ने वाले एवं वंचित बच्चों के लिए विधिक सहायता योजना 2025 इस योजना का उद्देश्य स्कूल छोड़ चुके, शिक्षा से वंचित तथा सामाजिक एवं आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों को पुनः शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ना तथा उन्हें आवश्यक विधिक सहायता एवं संरक्षण उपलब्ध कराना है। साथ ही “बचपन बचाओ अभियान” के बारे में बताया कि बाल श्रम में संलग्न बच्चों की पहचान कर उन्हें मुक्त कराना, शिक्षा से जोड़ना तथा उनके पुनर्वास की व्यवस्था करना समाज एवं प्रशासन की सामूहिक जिम्मेदारी है। साथ ही नालसा बाल अनुकूल विधिक सेवाएं योजना, 2024 के संबंध में बताया कि इस योजना के माध्यम से बच्चों को उनकी आयु एवं आवश्यकतानुसार निःशुल्क विधिक सहायता, परामर्श, प्रतिनिधित्व तथा न्याय तक पहुंच सुनिश्चित की जाती है। साथ ही नालसा आशा- जागरुकता, समर्थन सहायता और कार्यवाही मानक संचालन प्रक्रिया- बाल विवाह से मुक्ति की ओर अग्रसर, 2025 के बारे में बताया कि यह योजना का मुख्य उद्देश्य बाल विवाह की रोकथाम हेतु जागरूकता, सहायता एवं त्वरित कार्रवाई पर केंद्रित है साथ ही नालसा टोल फ्री नंबर 15100 की भी जानकारी दी।
साथ ही पॉक्सो अधिनियम, 2012 के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि यह कानून 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों को यौन अपराधों से संरक्षण प्रदान करने हेतु बनाया गया है। इस अधिनियम के अंतर्गत बच्चों के साथ होने वाले यौन उत्पीड़न, यौन हमला, गंभीर यौन हमला एवं अश्लील सामग्री से संबंधित अपराधों के लिए कठोर दंड का प्रावधान है।
प्रयत्न संस्था से रजनी जैन ने बताया कि संस्था का उद्देश्य है कि समस्त सरकारी बाल संरक्षित विभागीय ढांचे को सक्रिय कर बाल मित्र वातावरण तैयार करना है ताकि बाल हितैषी जिले का निर्माण हो सके साथ ही बताया कि प्रत्येक नागरिक का दायित्व है कि वह बाल श्रम की सूचना संबंधित विभागों एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को देकर इस सामाजिक बुराई को समाप्त करने में सहयोग करे।
इस अवसर पर अतिरिक्त जिला कलक्टर हरिराम मीणा, अध्यक्ष बाल कल्याण समिति मधु शर्मा, प्रयत्न संस्थान से परियोजना अधिकारी रजनी जैन, ब्लॉक ऑर्डिनेटर रामवरण गोस्वामी, ठाकुरदास कुशवाह, सरनाम सिंह, राजू गौड, हरेंद्र, नीरज, बाल विभाग के अधिकारीगण, पुलिस विभाग के अधिकारीगण, शिक्षा विभाग के अधिकारीगण, बिजली विभाग के अधिकारीगण एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के स्टाफगण मौजूद रहे। विजय कुमार शर्मा ब्यूरो

