सीओ और एसडीएम की तत्परता से न्याय की जगी आस, भगवाधारी भू-माफियाओं पर कसेगा शिकंजा
1 min readअयोध्या
अवैध पार्किंग का भंडाफोड़: सीओ और एसडीएम की तत्परता से न्याय की जगी उम्मीद भगवाधारी भू-माफियाओं पर कसेगा शिकंजा
अयोध्या में मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम की पावन नगरी के नाम पर चल रहे एक बड़े गोरखधंधे का पर्दाफाश हुआ है। राम जन्मभूमि गेट नंबर-3 के सामने हाशिम अंसारी के घर के समीप खुलेआम अवैध पार्किंग चलाई जा रही है। हैरानी की बात यह है कि इस अवैध साम्राज्य का संचालन कुछ ऐसे अराजक तत्वों द्वारा किया जा रहा है जिन्होंने भगवा चोला धारण कर रखा है। विशेष रूप से 2017 के बाद ऐसे कई लोग साधु बन गए हैं जो धर्म की आड़ में अपनी काली कमाई को सफेद करने में लगे हैं। ये लोग मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जो स्वयं एक संत है और खुद को योगी जी से जोड़कर प्रशासन व शासन में बैठे लोगों को भ्रमित करने का प्रयास करते हैं, ताकि वे हर तरह की जांच और कानूनी कार्रवाई से बच सकें।
अयोध्या में स्वयं प्रधानमंत्री का आगमन हो चुका है और यहाँ प्रतिदिन देश के विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री व केंद्रीय मंत्रियों व वीआईपी लोगों का आना-जाना लगा रहता है। 2027 का चुनाव भी नजदीक है और मुख्यमंत्री जी लगातार जीरो टॉलरेंस’ नीति पर चलते हुए अपराध मुक्त उत्तर प्रदेश बनाने के लिए भू-माफियाओं पर कड़ी कार्रवाई कर रहे हैं। ऐसे में कुछ अपराधी अब खुद को सुरक्षित करने के लिए भगवा चोला पहन चुके हैं ताकि उन्हें लोग सत्य सनातन धर्म का प्रचारक समझें और वे इस वेश में उच्च स्तरीय सुरक्षा और व्यवस्था के बीच अपनी पकड़ बना सकें। इन लोगों ने ऐसा जुगाड़ बिठा रखा है कि सांप भी मर जाए और लाठी भी न टूटे लेकिन अब जिला प्रशासन इनकी हरकतों को अच्छी तरह समझ चुका है और उन पर कड़ी नजर रखे हुए है।हैरानी की बात यह है कि जो लोग हमें मोह-माया और संपत्ति से दूर रहने का उपदेश देते हैं और कहते हैं कि सब की रक्षा ईश्वर करता है वे खुद महंगी-महंगी गाड़ियों, आधुनिक संचार साधनों और निजी सुरक्षा गार्डों के घेरे में चलते हैं। ये वही लोग हैं जो अपनी सुरक्षा के लिए भारी अमला तैनात रखते हैं, लेकिन उसी कलयुग के दौर में एक पीड़ित की थोड़ी-बहुत बची संपत्ति को भी हड़पने का प्रयास कर रहे हैं। यद्यपि अयोध्या में आज भी सच्चे और पूज्य संत विद्यमान हैं, लेकिन इन अराजक तत्वों ने भगवा चोला धारण करके संतों की पवित्र छवि को धूमिल करने का काम किया है।पीड़ित ने अधिकारियों से किया था शिकायत।।

