जमीन विवाद में महिला को 5बजे से थाने में बैठाए रखने का परिजनों का आरोप
1 min readथाना प्रभारी के द्वारा सर्वोच्च न्यायालय के दिशा-निर्देशों और आपराधिक कानून किया जा रहा है उलंघन
सुल्तानपुर
जिले के अखंड नगर थाना क्षेत्र में जमीनी विवाद के मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। आरोप है कि थाना प्रभारी ने विवाद सुलझाने के नाम पर एक महिला को 5 बजे से लाकर थाने पर बैठा रखा है और देर रात तक उसे घर नहीं जाने दिया जा रहा है मिली जानकारी के अनुसार, क्षेत्र में किसी जमीन को लेकर विवाद चल रहा है। इस मामले में पूछताछ के नाम पर महिला को 5 बजे से थाना पर लाया गया है, जिसके बाद से उसे वहीं बैठाए रखा गया है परिजनों का आरोप है कि दिनभर बीत जाने के बावजूद न तो महिला को घर जाने दिया गया और न ही उसे छोड़ा गया है। देर रात तक महिला के थाने में होने से परिजनों में भारी आक्रोश है।
सर्वोच्च न्यायालय के दिशा-निर्देशों और आपराधिक कानून (CrPC/BNSS) के अनुसार, किसी भी महिला को सूर्यास्त के बाद पुलिस हिरासत में नहीं रखा जा सकता और न ही अनावश्यक रूप से थाने पर बैठाया जा सकता है। महिलाओं की गिरफ्तारी या पूछताछ के लिए स्पष्ट कानूनी प्रक्रिया निर्धारित है, जिसमें महिला पुलिसकर्मी की उपस्थिति और मजिस्ट्रेट की लिखित अनुमति (यदि गिरफ्तारी आवश्यक हो) अनिवार्य है।
इस संबंध में जब थाना प्रभारी से संपर्क करने की कोशिश की गई, तो उनका कहना 10 आदमी को भेज दो सुलह समझौता करले और महिला को ले जाएं मामले में पुलिस अधीक्षक चारू निगम के PRO से वार्ता कर शिकायत की गई है और स्थानीय लोगों और परिजनों का कहना है कि पुलिस का यह रवैया मानवीय आधार पर गलत है और नियमों का सीधा उल्लंघन है।

