डिस्कॉम की बिजलीघर के पावर ट्रांसफॉर्मर की सेहत पर चिंता
1 min readडिस्कॉम की बिजलीघर के पावर ट्रांसफॉर्मर की सेहत पर चिंता, 100 पावर ट्रांसफॉर्मर का सिलिका जैल किया हेल्दी ,45 ट्रांसफॉर्मर मे तेल भरने से पूरी क्षमता के साथ देगा बिजली।
धौलपुर राजस्थान
जयपुर डिस्कॉम का बिजलीघर के साथ पावर ट्रांसफॉर्मर की सेहत पर विशेष ध्यान हे ।बिजलीघर पर पावर ट्रांसफॉर्मर प्रमुख बिजली मशीन होती है जिससे उपभोक्ताओं को बिजली प्रदान की जाती है 33/11 केवी सब-स्टेशन पर पावर ट्रांसफॉर्मर 33 केवी वोल्टेज को कम कर 11 केवी तक ले आता है। ग्रामीण क्षेत्र में 3.15/5 MVA क्षमता के पावर ट्रांसफॉर्मर उपयोग मे लिए जाते हैं। पावर ट्रांसफॉर्मर फुल क्षमता से तबही काम कर्ता है जब ट्रांसफॉर्मर स्वस्थ्य हों जैसे ब्रीदर से जुड़े सिलिका जैल सही स्थिति में हो, ट्रांसफॉर्मर टेंक मे तेल प्रापर हो, अर्थिंग सही हो। डिस्कॉम अपने प्रमुख बिजली मशीन पर विशेष ध्यान दे रहा है और सुधार कार्य कराए जा रहे हैं जिससे गर्मियों में बिजलीघर व उपभोक्ताओ को परेसानी नहीं हो। डिस्कॉम के धौलपुर जिले में 45 पावर ट्रांसफॉर्मर मे प्रापर लेवल के लिए तेल फिलिंग की गयी है वही 100 ट्रांसफॉर्मर मे सिलिका जैल बदला गया है।धौलपुर के 62 बिजलीघर मे से 31 बिजलीघर ऐसे थे जिनपर पर सुधार कार्य जरूरी था। इन बिजलीघर पर ब्रेकर सही किए गए हैं, अर्थिंग प्रापर की गयी है, बिजलीघर सफाई की गयी, लाइट सही की गयी है, पानी की मोटर सही सुनिश्चित की गयी है व पावर ट्रांसफॉर्मर मे तेल भरना, सिलिका जैल बदले गए हैं।
क्या है सिलिका जैल:
पावर ट्रांसफॉर्मर पर लोड कम ज्यादा होने पर पावर ट्रांसफॉर्मर के कन्जरवेटर टैंक मे तेल लेवल ज्यादा कम होने पर हवा का आदान प्रदान ट्रांसफॉर्मर टैंक मे होता है। हवा ने नमी होने पर ट्रांसफॉर्मर के तेल मे जल वाष्प घुल जाने पर ट्रांसफॉर्मर ऑइल को नुकसान पहुंचाती है और ट्रांसफॉर्मर जल सकता है इसके बचाव के लिए हवा को सिलिका जैल से पास कराया जाता है. यदि हवा में नमी है तो उसे सिलिका जैल अवशोषित कर लेता है और ट्रांसफॉर्मर प्रापर काम कर्ता है।
ट्रांसफॉर्मर ने तेल का काम–
पावर ट्रांसफार्मर में तेल (Transformer Oil) का उपयोग मुख्य रूप से इन्सुलेशन (Insulation) और कूलिंग (Cooling) यानी शीतलन के लिए किया जाता है। यह तेल ट्रांसफार्मर के आंतरिक भागों (जैसे वाइंडिंग और कोर) को गर्म होने से बचाता है और हाई वोल्टेज के बीच शॉर्ट सर्किट को रोकता है।
ट्रांसफार्मर में तेल के मुख्य उपयोग:
इन्सुलेशन (Insulation) तेल
एक कुचालक (Dielectric) पदार्थ है, जो जीवित भागों (live parts) के बीच उच्च वोल्टेज को रोकने और शॉर्ट सर्किट से बचाने के लिए एक बाधा के रूप में काम करता है।
शीतलन (Cooling):
ट्रांसफार्मर से बिजली चालू के समय उसमें भारी गर्मी पैदा होती है। तेल उस गर्मी को अवशोषित करके वाइंडिंग और कोर से दूर ले जाता है, जिससे ट्रांसफार्मर ठंडा रहता है और ट्रांसफॉर्मर को जलने से बचाता है ।
आर्क को दबाना (Arc Quenching):
यह आंतरिक दोषों के कारण उत्पन्न होने वाली किसी भी इलेक्ट्रिक आर्क (sparking) को तुरंत बुझाने में मदद करता है।
वाइंडिंग की सुरक्षा:
तेल वाइंडिंग और अन्य भागों को नमी और ऑक्सीजन (ऑक्सीकरण) से बचाता है, जिससे ट्रांसफार्मर की उम्र बढ़ती है।
अर्थिंग को किया जा रहा हेल्दी–
पावर ट्रांसफॉर्मर बहुत महँगा आइटम है जिसकी कीमत 35-50 लाख रुपये होती है इसलिए डिस्कॉम को चिंता है कि ट्रांसफॉर्मर हेल्थी रहे और बिजली आपूर्ति कर्ता रहे। पावर ट्रांसफॉर्मर को अर्थिंग महत्वपूर्ण होती है। अर्थिंग सही नहीं होने पर उपभोक्ता को वोल्टेज कम ज्यादा, जलने का खतरा उत्पन्न हो जाता है इसलिए डिस्कॉम ने सभी पावर ट्रांसफॉर्मर की अर्थिंग को हल्दी किया है।
क्या कहते हैं अधीक्षण अभियंता विद्युत धौलपुर।
इसको लेकर जब हमने धौलपुर के अधीक्षण अभियंता विद्युत विवेक शर्मा से जानना चाहा तो उन्होंने बताया कि उपभोक्ताओं को विद्युत आपूर्ति बिजलीघर से की जाती है जिनपर पावर ट्रांसफॉर्मर महगा व महत्वपूर्ण आइटम है इनको हेल्दी रखने के लिए कार्य किए गए हैं ।
विजय कुमार शर्मा ब्यूरो

