बदायूं केस की पीड़िता को श्रद्धांजलि अर्पित करने हेतु छात्रों ने निकाला कैंडल मार्च
1 min readयुवा छात्रों नें जागरुकता मार्च निकाला
बदायूं केस की पीड़िता को अर्पित की श्रद्धांजलि
लखनऊ।

लखनऊ विश्वविद्यालय के गेट नंबर 1 से गेट नंबर 3 तक बदायूं केस की पीड़िता को श्रद्धांजलि अर्पित करने हेतु एक कैंडल मार्च निकाला गया। इस मार्च का उद्देश्य पीड़िता को याद करना, समाज में जागरूकता फैलाना तथा महिलाओं की सुरक्षा और न्याय के प्रति संवेदनशीलता को मजबूत करना था।
मार्च में बड़ी संख्या में युवाओं और छात्रों ने भाग लिया तथा शांतिपूर्ण तरीके से अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। पूरे मार्च के दौरान “न्याय”, “जागरूकता” और “सुरक्षित समाज” जैसे संदेशों को प्रमुखता से रखा गया।
इस अवसर पर संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष आशुतोष सिंह, राष्ट्रीय महामंत्री अभिनव तिवारी एवं उपाध्यक्ष अर्पित जगदीश उपस्थित रहे।
प्रेस से बातचीत के दौरान राष्ट्रीय अध्यक्ष आशुतोष सिंह ने कहा कि समाज में जागरूकता और संवेदनशीलता का निर्माण आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि किसी भी समाज की प्रगति तभी संभव है जब महिलाएं स्वयं को सुरक्षित महसूस करें और न्याय व्यवस्था पर लोगों का विश्वास मजबूत हो।
राष्ट्रीय महामंत्री अभिनव तिवारी से जब पूछा गया कि “क्या आजकल महिलाओं के कपड़े अश्लील हो गए हैं?” तो उन्होंने जवाब देते हुए कहा, “इंसान की सोच अश्लील हो सकती है, लेकिन महिलाओं के कपड़े नहीं।” उन्होंने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान को किसी पहनावे से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि समाज की सोच और संस्कारों में सुधार सबसे अधिक आवश्यक है।
उपाध्यक्ष अर्पित जगदीश ने कहा कि ऐसे कार्यक्रमों का उद्देश्य किसी प्रकार की संवेदनशीलता को बढ़ाना नहीं, बल्कि लोगों के भीतर जिम्मेदारी और मानवीय सोच को मजबूत करना है। उन्होंने कहा कि जागरूक समाज ही सुरक्षित समाज की नींव रख सकता है।
संगठन ने अंत में सभी युवाओं, छात्रों और प्रतिभागियों का धन्यवाद व्यक्त करते हुए कहा कि भविष्य में भी सामाजिक जागरूकता और जनसहभागिता से जुड़े अभियान जारी रखे जाएंगे।
