May 26, 2026

Awadh Speed News

Just another wordpress site

84 लाख योनियों के बाद मिलता है मानव जीवन, धर्म के मार्ग पर चलें: आचार्य विजय अनुराग शास्त्री जी

1 min read
Spread the love

धौलपुर।

दामोदर नगर कॉलोनी स्थित पचगाँव पुलिस चौकी, महाकाली माता मन्दिर के पास (नई कोठी) में आयोजित सात दिवसीय संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा ज्ञानयज्ञ एवं एकादशी व्रत उद्यापन के चौथे दिन रविवार (24 मई 2026) को कथा व्यास आचार्य पं. डॉ. विजय अनुराग शास्त्री जी (वृंदावन धाम मुरैना बाग चीनी वाले) ने अपनी अमृतमयी वाणी से उपस्थित श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया।
कथा के चौथे दिन मुख्य रूप से भगवान के ‘श्री पृथु चरित्र’, ‘श्री जड़भरत चरित्र’, ‘श्री अजामिल उपाख्यान’, ‘श्री वृत्रासुर चरित्र’ और ‘श्री प्रह्लाद चरित्र’ के प्रसंगों का अत्यंत सुंदर एवं संगीतमय वर्णन किया गया।
कथा व्यास ने असुरराज हिरण्यकश्यप के अहंकार और भगवान विष्णु के प्रति परम भक्त प्रह्लाद की अनन्य निष्ठा व अटूट भक्ति का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि जब-जब धरती पर अत्याचार बढ़ता है और भक्तों पर संकट आता है, तब-तब भगवान स्वयं रक्षा के लिए अवतार लेते हैं। प्रह्लाद की पुकार पर भगवान द्वारा नरसिंह रूप धारण कर हिरण्यकश्यप का वध करने के प्रसंग को सुनकर पूरा पंडाल जयकारों से गूँज उठा। व्यास पीठ से श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए आचार्य विजय अनुराग शास्त्री जी ने कहा कि:
“मानव जीवन अत्यंत अनमोल है। यह हमें 84 लाख योनियों के चक्र के बाद प्राप्त होता है। इसलिए हमें इस जीवन को व्यर्थ नहीं गँवाना चाहिए। हर मनुष्य को इंसानियत और धर्म के रास्ते पर चलना चाहिए और अपने धर्म को आगे बढ़ाना चाहिए।” मुख्य यजमान (परीक्षित) श्रीमती विंध्यावती देवी एवं बौ. रामबाबू शर्मा समाधिया द्वारा पूरे विधि-विधान से पोथी पूजन और आरती की गई। इस अवसर पर गुरुजी श्री श्री 1008 द्वारिका दास प्रभु जी (शेरगढ़ किले वाले) के सान्निध्य में बड़ी संख्या में क्षेत्रीय श्रद्धालुओं ने उपस्थित होकर कथा का रसपान किया और पुण्य लाभ कमाया। कथा के इस अवसर पर भाजपा नेता एवं समाजसेवी डॉ शिवचरण कुशवाह , ओमवीर शर्मा, बिशन स्वरूप शर्मा, सुनील, अमरीश ,प्रदीप ।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *