गंगा गोमती के पानी में छोड़े जा रहे जहर ये सुशासन व प्रशासन किधर बांटे तोहर स्वच्छता अभियान के नजर
1 min readसुलतानपुर
जहां डाल-डाल पर बैठे भ्रष्टाचारी आधे गूंगे और बने बहरे, नहीं दिखाई देते जल जीवन जीने की उम्मीद में गोले जा जहर,स्वच्छता के नाम पर सरकारें जनता को लूट रही आंख में धूल झोंक रहे,इन लूटेरों को जनता देख नहीं पा रही हैं कब हमारी जेबें ढीली हो यह सोच नहीं पा रही हैं, लाखों करोड़ों के सपने दिखाए जाते हैं धारातल आये उसे खुद खायें जा रहें हैं। आखिर यह कैसा समाज व पावन गोमती कैसा विकास है। जी हां आप अपने जीवन का अमूल्य धरोहर का सर्वश्रेष्ठ पावन पर्व मां गोमती मां की आरती की जाती है,वहां की साफ सफाई का विशेष ध्यान दिया जाता है, लेकिन मन्दिर के बगल जो नाला निकलता है उसे उसी मां गोमती नदी में सीधा छोड़ दिया जा रहा है। गोमती नदी के साफ सफाई के नाम हजारों रूपए डकार लिए गए।यह कैसा स्वच्छता अभियान है, जा पूरे गोमती के जल को ही दूषित कर दे। जिला अधिकारी के आवास से चन्द कदम की दूरी गोमती पुल खड़े सुबह पूर्व दिशा में सूर्य को प्रणाम करें उसके बाद यह नजारा आप को देखने को मिला जायेगा। तब विचार करना जरूरी है यही जहर जानवरों व मनुष्यो के बीच पहुंच जाये तो कितना बड़ा नुक्सान कर सकते हैं।
अजय त्रिपाठी

