जिला अस्पताल में आगजनी की मॉक ड्रिल त्वरित राहत-बचाव से परखी गई आपदा प्रबंधन की तैयारी
1 min readधौलपुर राजस्थान।

जिले में आपदा प्रबंधन और आंतरिक सुरक्षा तंत्र को और अधिक सुदृढ़ करने के उद्देश्य से जिला अस्पताल परिसर में शुक्रवार को आगजनी की व्यापक मॉक ड्रिल आयोजित की गई। इस अभ्यास के दौरान अस्पताल में आग लगने की काल्पनिक स्थिति निर्मित कर राहत एवं बचाव कार्यों की वास्तविक परिस्थितियों में जांच-परख की गई।
सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड, पुलिस, सिविल डिफेंस और होमगार्ड की टीमें कुछ ही मिनटों में मौके पर पहुंच गईं और तत्परता के साथ राहत कार्य शुरू कर दिया। अस्पताल में भर्ती मरीजों को सुरक्षित तरीके से बाहर निकालकर पूर्व निर्धारित सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया गया। गंभीर एवं ऑक्सीजन सपोर्ट पर निर्भर मरीजों को विशेष सावधानी के साथ ट्रॉमा सेंटर में स्थानांतरित किया गया, जबकि घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद अन्य वार्डों में भर्ती किया गया।
फायर ब्रिगेड की टीम ने उच्च स्तर की दक्षता का प्रदर्शन करते हुए अल्प समय में आग पर काबू पा लिया। इस दौरान रेस्क्यू टीमों ने उत्कृष्ट समन्वय का परिचय देते हुए वार्ड खाली कराना, आपातकालीन सेवाओं को निर्बाध बनाए रखना और संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया।
जिला कलक्टर श्रीनिधि बीटी एवं जिला पुलिस अधीक्षक ने मौके पर पहुंचकर पूरी ड्रिल का बारीकी से निरीक्षण किया। जिला कलक्टर ने संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए कहा कि किसी भी आपदा की स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया, बेहतर समन्वय और संसाधनों का सही उपयोग ही जनहानि को न्यूनतम कर सकता है। उन्होंने अस्पताल के अग्निशमन तंत्र का भी निरीक्षण कर आवश्यक सुधारों पर चर्चा की।
इस मॉक ड्रिल के माध्यम से अस्पताल स्टाफ, चिकित्सा कर्मियों और राहत दलों को आपदा के समय सतर्कता, त्वरित निर्णय क्षमता और आपसी तालमेल बनाए रखने के लिए प्रशिक्षित किया गया।
ड्रिल के दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक वैभव शर्मा, सीओ सिटी कृष्ण राज, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. धर्मसिंह मीणा, प्रमुख चिकित्सा अधिकारी डॉ. समरवीर सिंह सिकरवार सहित पुलिस एवं प्रशासन के कई अधिकारी उपस्थित रहे।
ब्यूरो विजय शर्मा
